हरियाणा-हिमाचल सीमा पर मिला 10 फीट लंबा मृत अजगर, गले में बंधी रस्सी ने खड़े किए गंभीर सवाल हरियाणा 4 घंटे पहले 2
हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित उज्जल माजरी गांव में एक विशालकाय मादा अजगर मृत अवस्था में मिली है, जिसके गले में रस्सी बंधी होने के कारण उसकी मौत पर रहस्य गहरा गया है।

हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित अंबाला के एक सीमावर्ती गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक विशालकाय अजगर मृत अवस्था में पाया गया। अंबाला के उज्जल माजरी गांव में घटित इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों को भी झकझोर कर रख दिया है। मृत अजगर के मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस विशाल जीव के गले में एक रस्सी बंधी हुई थी, जिसने इसकी मौत की परिस्थितियों को पूरी तरह से संदेहास्पद बना दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वन्यजीव विभाग और स्थानीय टीमें विस्तृत जांच में जुट गई हैं।

सड़क किनारे मिला विशालकाय अजगर, गले में बंधी थी रस्सी

यह पूरा मामला अंबाला के उज्जल माजरी गांव का है, जो भौगोलिक रूप से हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित है। यहाँ के ग्रामीणों ने सबसे पहले सड़क के किनारे एक भारी-भरकम सांप को बेजान हालत में पड़ा हुआ देखा। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना तुरंत वन्यजीव विभाग और वंदे मातरम दल को दी। सूचना मिलते ही दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधि और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जब टीम ने वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, तो पता चला कि यह मृत सांप कोई साधारण सांप नहीं बल्कि एक विशालकाय मादा अजगर यानी पाइथन है।

जांच के दौरान जब अजगर के शरीर का निरीक्षण किया गया, तो उसके गले में कसकर बंधी हुई एक रस्सी मिली। इस रस्सी के मिलने के बाद से ही इस बात की आशंका बढ़ गई है कि क्या अजगर को जानबूझकर फंसाया गया था या फिर उसे किसी मानवीय क्रूरता का शिकार होना पड़ा। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है कि अजगर के गले में यह रस्सी किसने और किस इरादे से बांधी थी, और क्या इसी रस्सी के कारण दम घुटने से उसकी मौत हुई है।

10 फीट से अधिक लंबाई और 23 किलो वजन

मौके पर पहुंची टीम ने जब मृत मादा अजगर के शरीर का माप लिया और उसका वजन किया, तो आंकड़े चौंकाने वाले थे। इस मृत मादा अजगर की कुल लंबाई 10 फीट 3 इंच दर्ज की गई। इसके साथ ही उसका वजन लगभग 23 किलोग्राम पाया गया। इतने बड़े आकार के वन्यजीव की मौत सीमावर्ती क्षेत्र में एक बड़ी घटना मानी जा रही है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश की कुछ टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पांच डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम

अजगर की मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वंदे मातरम दल के सदस्य भरत कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि मृत मादा अजगर के शव को पशु चिकित्सालय के डिप्टी डायरेक्टर के पास ले जाया गया था। वहां इस विशालकाय जीव का पोस्टमार्टम करने के लिए विशेष रूप से 5 डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया। डॉक्टरों की इस विशेष टीम ने अजगर के शव का गहनता से पोस्टमार्टम किया है।

भरत कुमार के अनुसार, पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट अगले 2 से 3 दिनों में आने की संभावना जताई जा रही है। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही वैज्ञानिक और चिकित्सकीय रूप से यह स्पष्ट हो पाएगा कि अजगर की मौत के पीछे असली वजह क्या थी। क्या उसकी मौत गले में बंधी रस्सी के कारण दम घुटने से हुई या फिर इसके पीछे कोई और अंदरूनी बीमारी अथवा चोट थी, इसका खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

घटनास्थल का नक्शा तैयार कर जांच में जुटी टीमें

वन्यजीव विभाग और जांच दल इस मामले को केवल एक सामान्य मौत मानकर नहीं चल रहे हैं। वे हर संभावित पहलू को खंगालने में जुटे हैं। भरत कुमार ने बताया कि जिस स्थान पर यह मादा अजगर मृत पाई गई थी, उस पूरे क्षेत्र का एक विस्तृत नक्शा तैयार करवाया गया है। इसके अलावा, टीम उज्जल माजरी और उसके आसपास के अन्य सीमावर्ती गांवों में भी लगातार पूछताछ कर रही है।

जांच दल यह जानने का प्रयास कर रहा है कि क्या हाल के दिनों में किसी ने इस अजगर को देखा था या फिर किसी व्यक्ति ने इसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। स्थानीय लोगों से बातचीत कर संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सुराग जुटाने की कोशिश की जा रही है ताकि यदि कोई दोषी हो, तो उस तक पहुंचा जा सके।

वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाना है गंभीर अपराध

इस दुखद घटना के मद्देनजर वन्यजीव संरक्षकों ने आम लोगों से बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। वंदे मातरम दल के सदस्य भरत कुमार ने लोगों से आग्रह किया है कि वे वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहें और उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा न करें। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने को कहा है:

  • स्वयं न पकड़ें: यदि आपके रिहायशी इलाके या खेतों में अजगर, सांप या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई देता है, तो उसे स्वयं पकड़ने या काबू करने की कोशिश कभी न करें।
  • वन विभाग को सूचित करें: वन्यजीव को देखते ही तुरंत स्थानीय वन्यजीव विभाग या आपातकालीन दल को सूचित करें, ताकि एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
  • कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: किसी भी जंगली जानवर को मारना, प्रताड़ित करना या उसे शारीरिक क्षति पहुंचाना कानूनन एक गंभीर अपराध है। यदि इस मामले में भी किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पूरी जांच और कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इर्द-गिर्द घूम रही है। वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय प्रशासन दोनों को ही अब इस रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है, ताकि उज्जल माजरी बॉर्डर पर हुई इस बेजुबान जीव की मौत का रहस्य सुलझ सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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