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2 घंटे पहले
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जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम एक बार फिर अमरनाथ यात्रा के मार्ग में बाधा बन गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शनिवार को जम्मू से कश्मीर घाटी की ओर जाने वाली इस पवित्र यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, कश्मीर को पूरे देश से जोड़ने वाली जीवन रेखा माना जाने वाला 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) लगातार दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद रहा। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण जम्मू के भगवती नगर स्थित बेस कैंप से तीर्थयात्रियों के नए जत्थे को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकी।
लधा-समरोली मार्ग पर मरम्मत का काम जारी
यातायात को बहाल करने के लिए उधमपुर जिले के लधा-समरोली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर युद्ध स्तर पर मरम्मत का काम किया जा रहा है। पिछले हफ्ते हुई मूसलाधार बारिश के चलते इस हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा था। शुक्रवार को अमरनाथ यात्रियों के काफिले के सुरक्षित निकल जाने के तुरंत बाद प्रशासन ने NH-44 को दोनों ओर से बंद करने का फैसला लिया था। हालांकि, इसके बाद शुरू हुई बारिश ने स्थिति को और नाजुक बना दिया। जगह-जगह कीचड़ जमा होने के कारण पूरी सड़क पर बेहद खतरनाक फिसलन हो गई है, जिससे वाहनों को चलाना असंभव हो गया है।
उधमपुर और रामबन जिलों में थमा नहीं है बारिश का सिलसिला
पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज अभी भी बिगड़ा हुआ है। रामबन और उधमपुर जिलों के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो रही है। इस लगातार हो रही बरसात की वजह से हाईवे से मलबा हटाने और सड़क को दुरुस्त करने के काम में भारी मुश्किलें आ रही हैं। NH-44 एकमात्र ऐसा मार्ग है जो हर मौसम में घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, इसलिए इसके बंद रहने से पूरी यात्रा व्यवस्था चरमरा गई है।
भगवती नगर बेस कैंप में शिफ्ट किए गए रजिस्ट्रेशन काउंटर
इस बीच, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी को ध्यान में रखते हुए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बोर्ड ने तवी रिवरफ्रंट पर चल रहे यात्रा रजिस्ट्रेशन और टोकन वितरण काउंटरों को अब सीधे भगवती नगर बेस कैंप में ट्रांसफर कर दिया है। इससे पहले, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तवी रिवरफ्रंट पर ही ऑफलाइन पंजीकरण, टोकन बांटने, e-KYC वेरिफिकेशन और RFID कार्ड जारी करने का एक एकीकृत केंद्र बनाया गया था।
साढ़े चार लाख भक्तों ने किए पवित्र शिवलिंग के दर्शन
इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और तब से लेकर अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। इस प्राचीन गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग देश-विदेश से आने वाले भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है।
रक्षाबंधन के दिन होगा यात्रा का समापन
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को होगा, जिस दिन रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि आगे की यात्रा पूरी तरह से राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति और मौसम के मिजाज पर निर्भर करेगी। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक नए जत्थों की रवानगी पर रोक जारी रह सकती है।
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