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3 घंटे पहले
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उड़ानों के संचालन पर लगी रोक
विमानन कंपनी अकासा एयर ने सऊदी अरब के दो प्रमुख शहरों रियाद और जेद्दा के लिए अपनी सभी निर्धारित उड़ानों को आगामी 27 अक्टूबर, 2026 तक के लिए पूरी तरह से रद्द कर दिया है। एयरलाइन ने रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से यात्रियों को इस बड़े बदलाव की सूचना दी। कंपनी के अनुसार, मध्य-पूर्व क्षेत्र में उत्पन्न हुई मौजूदा अस्थिर परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का बारीकी से आकलन करने के बाद ही यह कठोर निर्णय लिया गया है। अकासा एयर का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और हालात पर उनकी लगातार नजर बनी हुई है।
यात्रियों के लिए रिफंड और सहायता के विकल्प
अपनी उड़ानों के रद्द होने से प्रभावित हुए यात्रियों के लिए अकासा एयर ने राहत की घोषणा की है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित यात्रियों को उनके टिकट का पूरा पैसा यानी फुल रिफंड वापस कर दिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि रिफंड की यह राशि संबंधित यात्रियों के खाते में या जिस स्रोत से भुगतान किया गया था, वहां 7 दिनों के भीतर वापस जमा कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जो यात्री अपनी यात्रा को रद्द नहीं करना चाहते, उनके लिए एयरलाइन ने बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट को रीशेड्यूल करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। जिन ग्राहकों ने अपनी बुकिंग किसी ट्रैवल पार्टनर या एजेंट के माध्यम से की है, उन्हें सहायता के लिए सीधे उन्हीं संबंधित प्लेटफॉर्मों से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति
मध्य-पूर्व में तनाव का मुख्य कारण सऊदी अरब के विभिन्न हिस्सों पर हो रहे हमले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिसमें तेल सुविधाएं और हवाई अड्डे शामिल हैं, उन्हें अपना निशाना बना रहे हैं। सुरक्षा गठबंधन की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि रियाद और अन्य क्षेत्रों के ऊपर ड्रोन के जरिए किए गए हमलों को नाकाम करते हुए लगभग 4 ड्रोन मार गिराए गए हैं।
भारतीय दूतावास की ओर से विशेष एडवाइजरी
सऊदी अरब में बिगड़ते हालातों के मद्देनजर वहां स्थित भारतीय दूतावास ने भी रविवार को अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षा परामर्श जारी किया है। दूतावास ने भारतीय प्रवासियों को स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। विशेष रूप से, 'नेशनल अर्ली वॉर्निंग प्लेटफॉर्म' के जरिए मिलने वाली आपातकालीन सूचनाओं पर ध्यान देने को कहा गया है। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं, शांत रहें और किसी भी आपात स्थिति में इमारत के भीतर सबसे सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
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