राजनीति छोड़ने के दावे से पलटे हुमायूं कबीर, बोले- 2029 में अधीर रंजन को हराऊंगा और फिर दुबई जाऊंगा पश्चिम बंगाल एक घंटा पहले 3
रेजिनगर उपचुनाव में मिली हार के बाद हुमायूं कबीर ने अपने संन्यास के फैसले को बदल दिया है। उन्होंने दावा किया कि वह 2029 में अधीर रंजन चौधरी को हराकर ही राजनीति से संन्यास लेंगे।

रेजिनगर उपचुनाव में बड़ा झटका

पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने एक बड़ा यू-टर्न लिया है। गौरतलब है कि इस उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को हार का सामना करना पड़ा है। यह सीट खुद हुमायूं कबीर के विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी। चुनाव नतीजों के आने के बाद अब कबीर ने अपने रुख में बदलाव करते हुए भविष्य की बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है। महज एक दिन पहले ही उन्होंने संकेत दिए थे कि वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने इस बात को खारिज करते हुए कहा कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे और बहरामपुर सीट से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को करारी शिकस्त देंगे।

उपचुनाव परिणामों पर उठाए गंभीर सवाल

अपनी हार को लेकर हुमायूं कबीर बेहद आक्रामक दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि रेजिनगर में चुनाव नहीं, बल्कि जनादेश छीना गया है। कबीर ने दावा किया कि पुलिस ने सुनियोजित तरीके से मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं को वोट डालने से रोका। उन्होंने बेलडांगा थाने के अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की नजरों में अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए 5 करोड़ रुपये लिए हैं। कबीर के अनुसार, यदि उन्हें उस दिन हिरासत में न लिया जाता, तो उनके बेटे को 1 लाख 50 हजार वोट मिलते, जबकि उन्हें केवल 54 हजार वोट ही मिल पाए। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी के उम्मीदवार ने एक बूथ पर जाकर 3 वोट डाले थे।

बाबरी मस्जिद निर्माण पर स्पष्टीकरण

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर छिड़े विवाद पर हुमायूं कबीर ने साफ किया कि उन्हें बीजेपी से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी शुरू से ही मंदिर की राजनीति करती आई है। कबीर ने बताया कि जब उन्होंने मस्जिद की नींव रखी थी, उसी दौरान मंदिर के लिए भी नींव रखी गई थी, लेकिन अब वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर वह मंदिर कहाँ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मस्जिद के लिए एक ट्रस्ट बनाया गया है और इसकी जानकारी भारत सरकार को भी है। कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मस्जिद का नाम रखने का अधिकार उन्हें है और इसका नाम बाबरी ही होगा। उनका दावा है कि 6 दिसंबर 2028 तक यह मस्जिद बनकर तैयार हो जाएगी, जहां 1 लाख मुस्लिम एक साथ नमाज अदा कर सकेंगे।

'अधीर रंजन को हराकर दुबई चला जाऊंगा'

राजनीतिक संन्यास के अपने पिछले बयान से पूरी तरह पलटते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि 2029 के मार्च-अप्रैल में होने वाले लोकसभा चुनाव में वह बहरामपुर से मैदान में उतरेंगे। उन्होंने अधीर रंजन चौधरी पर बीजेपी से साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अक्सर दिल्ली जाकर नितिन गडकरी से मिलते हैं। कबीर ने घोषणा की कि वे चुनाव में अधीर रंजन को हराने के बाद हमेशा के लिए भारत छोड़कर दुबई चले जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा में अब वह दोबारा नहीं जाएंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप