आगरा में बच्चों के लिए खतरा बना रेस्पिरेटरी संक्रमण, निमोनिया का बढ़ा डर उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 5
आगरा में बच्चों में तेजी से फैलते रेस्पिरेटरी संक्रमण ने डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। लापरवाही बरतने पर यह बीमारी निमोनिया में बदल सकती है।

आगरा में स्वास्थ्य संकट

आगरा के बच्चों में इन दिनों रेस्पिरेटरी यानी श्वसन संबंधी संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। यह एक गंभीर बीमारी है जो सीधे तौर पर बच्चों के नाक, साइनस, गले, श्वास नली और फेफड़ों को निशाना बना रही है। संक्रमण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई मामलों में इसके लक्षण एक सप्ताह से भी अधिक समय तक बच्चों के शरीर में बने रहते हैं।

डॉक्टरों ने दी चेतावनी

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल का कहना है कि अगर बच्चे को लगातार बुखार की समस्या बनी हुई है, तो इसे बिल्कुल भी सामान्य मानकर अनदेखा न करें। अभिभावकों को जागरूक रहने की आवश्यकता है क्योंकि समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में यह मामूली लगने वाला संक्रमण बढ़ सकता है और खतरनाक निमोनिया का रूप ले सकता है।

अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़

मौसम में हो रहे बदलाव और संक्रमण के तेजी से प्रसार के कारण सरकारी अस्पतालों पर दबाव काफी बढ़ गया है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या 200 के आंकड़े को पार कर गई है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से सलाह दी है कि लक्षण नजर आने पर बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के बच्चों को दवाएं न दें, अन्यथा स्वास्थ्य और अधिक बिगड़ सकता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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