धर्म
एक दिन पहले
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विचारों
हिंदू धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। आज, 23 अगस्त 2026 को सावन मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। रविवार का दिन होने के कारण आज सूर्य नारायण की विशेष पूजा-अर्चना और रविवार व्रत का भी अद्भुत संयोग बना हुआ है। इसके साथ ही आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
ग्रहों की चाल और नक्षत्रों की स्थिति
ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, आज ग्रहों और नक्षत्रों का गोचर इस प्रकार रहने वाला है:
- आज सूर्य देव पूरे दिन मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
- चंद्रमा आज शाम को 5:44 बजे तक मूल नक्षत्र में संचरण करेंगे।
- शाम को 5:44 बजे के बाद चंद्रमा का प्रवेश पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में हो जाएगा।
आज का दिशाशूल और यात्रा के नियम
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के नियमों के अनुसार, रविवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है। इसका अर्थ है कि आज के दिन इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता है और इससे बचने की सलाह दी जाती है।
यदि आज के दिन आपको पश्चिम दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक या अनिवार्य हो, तो ज्योतिष शास्त्र में बताए गए विशेष उपायों और नियमों का पालन करके ही अपने घर से प्रस्थान करें, ताकि आपकी यात्रा मंगलमय हो सके।
आज के शुभ योग और व्रत का महत्व
आज रविवार, 23 अगस्त 2026 को कई महत्वपूर्ण धार्मिक संयोग एक साथ मिल रहे हैं:
- सावन पुत्रदा एकादशी व्रत: संतान की कामना और उनके कल्याण के लिए रखा जाने वाला यह व्रत बेहद फलदायी है।
- सूर्य नारायण पूजा व रविवार व्रत: आरोग्य और मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए आज सूर्य देव की आराधना करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: इस शुभ योग के प्रभाव से आज किए जाने वाले धार्मिक और मांगलिक कार्य सिद्ध होते हैं।
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