आरा पूर्व कस्टम अधिकारी हत्याकांड: बेंगलुरु भागने की फिराक में थे शूटर, पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से दबोचा बिहार एक दिन पहले 15
बिहार के आरा में पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी चंदन सिंह समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड में बड़ी गिरफ्तारी

बिहार के आरा शहर में हुए चर्चित पूर्व कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संघ के अध्यक्ष रामकुमार सिंह हत्याकांड में भोजपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता चंदन सिंह समेत कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। पकड़े गए आरोपियों में नगर थाना क्षेत्र के बड़की सिंगही गांव निवासी चंदन सिंह, उसी थाना क्षेत्र के बिंद टोली निवासी अभिषेक यादव और नवादा थाना क्षेत्र की चंदवा हाउसिंग कॉलोनी का रहने वाला टीपू कुमार शामिल हैं। इनमें से टीपू कुमार एक सरकारी अमीन है जो वर्तमान में किसी जिले में कार्यरत है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई के तहत चंदन सिंह और अभिषेक यादव को कोलकाता हवाई अड्डे से पकड़ा, जबकि टीपू कुमार को आरा से गिरफ्तार किया गया।

हत्याकांड की जांच और पुलिस की कार्रवाई

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी चंदन सिंह के घर पर छापेमारी की, जहां से एक पिस्टल बरामद की गई है, जिसकी जांच फिलहाल की जा रही है। इस मामले में अब तक कुल चार अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में ले चुकी है और शेष फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने जानकारी दी कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीपीओ-वन सुशील कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था, जिसमें पुलिस विभाग के अनुभवी अधिकारी शामिल थे। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके आधार पर कोलकाता हवाई अड्डे से चंदन सिंह और अभिषेक यादव को धर दबोचा गया। इन दोनों से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर टीपू कुमार को आरा से गिरफ्तार किया गया।

घटना का विवरण और एफआईआर

यह दुखद घटना गुरुवार की सुबह करीब छह बजे की है, जब कनकपुरी मोहल्ले में रहने वाले रामकुमार सिंह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकल रहे थे। जैसे ही उन्होंने अपनी कार निकालने के बाद गैराज का ताला बंद किया, घात लगाकर बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बदमाशों ने उन्हें सात से आठ गोलियां मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में मृतक के पुत्र अमित कुमार उर्फ गोल्डी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज मामले में चंदन सिंह, मुफस्सिल के तत्कालीन थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राम कल्याण यादव और राजस्व कर्मचारी विष्णु देव सिंह सहित कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। चंदन सिंह और अन्य पर गोली चलाने का आरोप है, जबकि इंस्पेक्टर और राजस्व कर्मचारी पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा है।

साजिश और फरार होने की पूरी योजना

पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया कि रामकुमार सिंह की हत्या पूरी तरह से सोची-समझी प्लानिंग के तहत जमीन विवाद के चलते की गई थी। वारदात को अंजाम देने से करीब 20 से 25 दिन पहले ही चंदन सिंह और उसके साथियों ने अपने बैंक खातों से सारी नकदी निकाल ली थी और उसे अपनी पत्नियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया था। इसके साथ ही, उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया था। पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए उन्होंने नए सिम कार्ड, नए मोबाइल फोन और नए बैंक खातों का सहारा लिया। वारदात के बाद चंदन सिंह और अभिषेक यादव सबसे पहले सिलीगुड़ी गए, फिर गंगटोक होते हुए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे। वहां से वे फ्लाइट के जरिए बेंगलुरु भागने की फिराक में थे, लेकिन एयरपोर्ट पर पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पकड़े जाने के दौरान भी ये लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए गलत नाम का उपयोग कर रहे थे। इसी तरह, सिलीगुड़ी के होटल में रुकने के दौरान भी इन्होंने फर्जी नाम दर्ज करवाए थे।

जमीन विवाद और आगे की रणनीति

जांच में सामने आया है कि रामकुमार सिंह का बड़की सिंगही स्थित जमीन पर वर्ष 2006 से ही कानूनी स्वामित्व था और उन्होंने 2020 में वहां बाउंड्री भी करवाई थी। विपक्षी गुट ने 2025 में पावर ऑफ अटॉर्नी के नाम पर उस जमीन को अलग-अलग लोगों के हाथों बेच दिया था। एसपी के अनुसार, जिले में भू-माफियाओं का एक संगठित गिरोह सक्रिय है जो जमीन के असली दस्तावेजों में हेराफेरी कर अवैध कब्जा करने की कोशिश करता है। ऐसे भू-माफियाओं को चिन्हित किया जा रहा है और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस रामकुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी और न्यायालय से इस मामले की सुनवाई स्पीड ट्रायल के तहत चलाने का अनुरोध करेगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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