उपनाम: उत्तर प्रदेश तीर्थ
जज की कुर्सी छोड़ संन्यासी बने खपड़िया बाबा: सर्प-बिच्छू बने मित्र, गोमुख से गंगासागर तक दो बार की पदयात्रा
बलिया में स्थित खपड़िया बाबा का आश्रम आज श्रद्धा और पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुका है। मान्यता है कि बाबा ने अपने तपोबल से जल और थल के जहरीले-गैरजहरीले जीवों से मित्रता कर ली थी।
0
0
0
3 घंटे पहले