उपनाम: सुरेश खरे
दृष्टिहीन होकर भी सुरों के जादूगर हैं छतरपुर के सुरेश, लखनऊ से दिल्ली तक गूंज रही है उनकी आवाज
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रहने वाले सुरेश खरे जन्म से देख नहीं सकते, लेकिन अपनी जादुई आवाज और गायकी से वे पूरे देश में अपनी पहचान बना चुके हैं। संगीत ही उनके जीवन का आधार है और इसी के जरिए वे अपनी आजीविका भी चला रहे हैं।
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3 घंटे पहले