उपनाम: राष्ट्रीय पुरस्कार
जानिए कौन हैं साहित्यकार शैवाल: इनकी लेखनी से प्रेरित होकर प्रकाश झा ने बनाईं कालजयी फिल्में
गया के प्रसिद्ध साहित्यकार शैवाल अपनी कलम से ग्रामीण भारत और सामाजिक संघर्षों को आवाज दे रहे हैं। उनकी रचनाओं पर बनी फिल्मों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है, बल्कि वे समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों का प्रतिनिधित्व भी करती हैं।
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4 घंटे पहले
24 साल की उम्र में निर्देशक बनकर रचा इतिहास, राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता, पर अमिताभ के साथ काम करने का सपना रह गया अधूरा
‘दृश्यम’, ‘मदारी’ और ‘मुंबई मेरी जान’ जैसी फिल्मों के निर्देशक निशिकांत कामत ने सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी, लेकिन अमिताभ बच्चन को निर्देशित करने की उनकी ख्वाहिश कभी पूरी नहीं हो सकी।
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3 महीने पहले