उपनाम: रामचरण जुयाल
देहरादून के रामचरण जुयाल: 1980 से लोक वाद्य यंत्रों की धुन को जीवित रखने की अनोखी कोशिश
उत्तराखंड के 68 वर्षीय सेवानिवृत्त पीडब्ल्यूडी कर्मचारी रामचरण जुयाल अपनी कला के जरिए बिनाई और हुड़का जैसी लुप्तप्राय वाद्य परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में जुटे हैं। उन्होंने नरेंद्र सिंह नेगी जैसे दिग्गजों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तराखंड...
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8 घंटे पहले