उपनाम: प्राकृतिक खाद
पौधों की सेहत और अच्छी पैदावार के लिए सरसों की खली है एक जादुई समाधान
आजकल रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता खत्म हो रही है, ऐसे में सरसों की खली एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प बनकर उभरी है।
रासायनिक उर्वरकों से पाएं छुटकारा, बेहद कम खर्च में तैयार करें दशपर्णी अर्क, बढ़ेगी फसल की पैदावार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर रुख कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर दशपर्णी अर्क का उपयोग फसलों को कीड़ों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी साबित हो रहा है।
पहाड़ी जीवन का आधार है चीड़ का पेड़, राख से लेकर खाद तक इसके हैं अनोखे फायदे
उत्तराखंड के पहाड़ों में चीड़ का पेड़ केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खेती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
खेती की लागत घटाने का जादुई उपाय, घर पर 20 दिन में तैयार करें गोबर वाली खाद
महंगे रासायनिक खादों से परेशान किसानों के लिए घनजीवामृत एक बेहतरीन विकल्प है। गाय के गोबर से बनने वाली यह जैविक खाद न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाती है, बल्कि खेती के खर्च को भी आधा कर देती है।
बारिश शुरू होते ही घर पर तैयार करें केंचुआ खाद, घटेगी खेती की लागत, विशेषज्ञ ने बताया सरल तरीका
केंचुआ खाद विशेषज्ञ के अनुसार कम खर्च और कम जगह में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर किसान खेती की लागत घटा सकते हैं। प्री-मानसून बारिश शुरू होते ही इसे बनाने का काम आरंभ कर देना चाहिए।
पहाड़ी खेती का असली साथी है गोबर की खाद! न यूरिया की जरूरत, न DAP की — सालों तक मिलता है फायदा
उत्तराखंड के ढलानदार और सीढ़ीदार खेतों में पैदावार बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता कायम रखने में पशुओं का गोबर सबसे कारगर साबित हो रहा है। यह प्राकृतिक खाद मिट्टी का कटाव रोकने के साथ-साथ कम लागत में बेहतर मुनाफे का रास्ता भी खोलती है।