उपनाम: पी डी टी आचारी
किसकी है 'असली तृणमूल' और कौन तय करेगा यह सवाल... लोकसभा अध्यक्ष या चुनाव आयोग? संवैधानिक विशेषज्ञ की साफ राय
संवैधानिक मामलों के जानकार के मुताबिक 'असली तृणमूल' का फैसला करने का अधिकार निर्वाचन आयोग के पास है, लोकसभा अध्यक्ष का इसमें कोई दखल नहीं। बागी सांसदों को फिलहाल अलग समूह की मान्यता नहीं मिली है, इसलिए सदन में अलग बैठने की व्यवस्था भी संभव नहीं।
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3 घंटे पहले