उपनाम: NH-162E
मेवाड़ और मारवाड़ की लाइफलाइन या मौत का साया, 1000 से ज्यादा मौतों के बाद भी 2000 करोड़ का प्रोजेक्ट क्यों ठंडे बस्ते में?
राजस्थान के पाली में देसूरी मार्ग हादसों का पर्याय बन चुका है, जहाँ साल 1952 से 2026 के बीच 1000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अरबों की लागत वाला प्रस्तावित प्रोजेक्ट अब भी फाइलों में अटका है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
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एक महीने पहले