उपनाम: घात चतुर्दशी
पितृपक्ष की प्रमुख तिथियाँ: मातृ नवमी से लेकर घात चतुर्दशी तक का है विशेष आध्यात्मिक महत्व
पितृपक्ष के दौरान गयाजी में पिंडदान और तर्पण की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहां जानिए मातृ नवमी, त्रयोदशी श्राद्ध और अकाल मृत्यु को प्राप्त पूर्वजों के लिए घात चतुर्दशी का धार्मिक महत्व क्या है।
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3 घंटे पहले