उपनाम: गिरीश पांडे
बागेश्वर के गिरीश पांडे की कहानी: शहरों की चकाचौंध छोड़ गांव में शुरू किया पहाड़ी जायके का काम
महानगरों की 15 साल की नौकरी को अलविदा कहकर अपने गांव लौटे गिरीश पांडे ने स्वरोजगार की एक नई मिसाल पेश की है। आज वे अपने भोजनालय के जरिए पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद लोगों तक पहुंचा रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
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2 घंटे पहले