उपनाम: भगवान श्री कृष्ण
कान्हा केवल एक स्थान के नहीं, वे सबके हैं: जन्माष्टमी पर कृष्ण की अनंत यात्रा
मथुरा से शुरू होकर पूरी दुनिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले कृष्ण की लीला केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं है। वे समय और भूगोल की सीमाओं को पार कर हर भक्त के हृदय में बसे हैं, जो आज भी जन्माष्टमी के उत्सव में जीवंत हो उठते हैं।
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2 घंटे पहले