उपनाम: अलाउद्दीन खिलजी
जालोर की ऐतिहासिक ताशखाना बावड़ी: क्या वाकई इस रहस्यमयी सुरंग का सीधा रास्ता किले तक जाता था?
राजस्थान के जालोर शहर में स्थित ताशखाना बावड़ी अपनी वास्तुकला के साथ-साथ कई अनसुलझे रहस्यों के लिए जानी जाती है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि यह एक गुप्त सुरंग से किले से जुड़ी थी।
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एक महीने पहले
स्वर्ण बावड़ी: जालोर की रहस्यमयी बावड़ियां, जिनमें आज भी जीवित है वीरमदेव की बहनों के बलिदान की गाथा
जालोर की स्वर्ण बावड़ी और झालर-कोलर बावड़ी केवल प्राचीन जल स्रोत नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और बलिदान की जीवंत निशानी हैं. लोक मान्यता इन्हें राजा वीरमदेव चौहान की बहनों के त्याग से जोड़ती है.
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एक महीने पहले