धार्मिक दृष्टि से जुलाई 2026 का महीना काफी अहम है, जिसमें चातुर्मास का आरंभ, रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व शामिल हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में लंबे समय तक खाली रखी कुर्सियां नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती हैं। जानिए कैसे ये आपकी तरक्की और पारिवारिक रिश्तों को प्रभावित करती हैं और क्या हैं इनके आसान समाधान।
जुलाई माह में आने वाली कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का व्रत 3 जुलाई 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून 2026 को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन तीन खास राशियों के जातकों को अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
गुरुवार 25 जून का दिन मीन राशि के जातकों के लिए बेहद खास है। निर्जला एकादशी और बृहस्पति की विशेष कृपा से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।
आज 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती और गुरुवार व्रत का पावन संयोग है। पंचांग के अनुसार आज रवि योग में विष्णु पूजा और मंत्र जाप करना अत्यंत फलदायी रहेगा।
एक सफल फैक्ट्री में अचानक आई गिरावट और कर्ज के संकट के पीछे वास्तु दोष का बड़ा हाथ था। जानिए कैसे वास्तु विशेषज्ञ ने ऊर्जा संतुलन सुधार कर कारोबार को फिर से पटरी पर लाया।
25 जून 2026 का टैरो राशिफल कहता है कि वृषभ राशि के जातकों को कानूनी मामलों में उलझने से बचने की जरूरत है, जबकि कुंभ राशि वालों के लिए व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। कन्या राशि के लोगों को किसी के धोखे से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वर्ष 2026 में 25 जून को मनाई जाने वाली गायत्री जयंती के अवसर पर जानें गायत्री मंत्र के जाप की विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से।
वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है, जानें पूरी पूजा प्रक्रिया।
घर में सकारात्मकता और आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में हंस या मैंडरिन बतख के जोड़े को बेहद प्रभावशाली माना गया है। जानिए इन्हें घर में रखने के खास लाभ और सही दिशा के बारे में।
टैरो कार्ड्स के अनुसार 24 जून का दिन कई राशियों के लिए बड़े बदलाव और भावनात्मक सफलताओं वाला है। जहां कुछ लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आने की संभावना है, वहीं कुछ को आर्थिक नुकसान से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ड्रीमकैचर केवल घर की खूबसूरती नहीं बढ़ाते बल्कि वास्तु के लिहाज से भी इन्हें बेहद प्रभावशाली माना जाता है। सही दिशा में इन्हें लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक माहौल बना रहता है।
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है. जानिए घर के मंदिर में दीपक जलाते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए और इसका सही समय क्या है.
24 जून को दोपहर 11:54 से 12:44 तक अभिजीत मुहूर्त का विशेष संयोग बन रहा है, जो नए कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी है। हालांकि, ज्योतिष के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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