झारखंड की राजधानी रांची से सटे उलाटू गांव में एक ऐसा हनुमान मंदिर है, जिसकी मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है। यह मंदिर एक पहाड़ की चोटी के पास, बेहद सुनसान जगह पर स्थित है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बजरंगबली उनकी हर मुराद पूरी करते हैं। मगर इस आस्था के साथ-साथ एक रहस्य भी जुड़ा है — शाम होते ही यहां पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है।
शाम 6 बजते ही खाली हो जाता है मंदिर परिसर
मंदिर के पुजारी शंभू पाठक बताते हैं कि शाम के 6 बजते ही यहां से लोग लौटने लगते हैं। कहा जाता है कि रात के समय जो भी यहां रुकता है, उसके साथ कोई न कोई अनहोनी हो जाती है। ऐसी कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। यही वजह है कि अधिक से अधिक 7 बजे तक यहां से सभी लोग निकल जाते हैं और कोई रात बिताने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
पुजारी के अनुसार रात के वक्त कई बार अजीबोगरीब आवाजें भी सुनाई देती हैं, जिसके चलते शाम 6 बजे के बाद यहां कोई नहीं ठहरता।
आखिर क्या है सन्नाटे की असली वजह
पुजारी शंभू पाठक इसकी असल वजह बताते हुए कहते हैं कि मंदिर के चारों ओर घना जंगल फैला हुआ है। आसपास एक भी घर नहीं है, यहां तक कि 1 किलोमीटर के दायरे में भी कोई आबादी नहीं है। माना जाता है कि इन पहाड़ियों पर बड़े जानवर रहते हैं। लोमड़ी, सियार और हाथी जैसे जानवर रात के समय इन पहाड़ियों पर आ जाते हैं और यह इलाका इनका ठिकाना बन जाता है।
इसी कारण रात में अक्सर लोगों को लोमड़ी और सियार की डरावनी आवाजें सुनाई देती हैं। हालांकि अब रोशनी की बेहतर व्यवस्था होने से ये आवाजें पहले के मुकाबले काफी कम हो गई हैं। खासकर शाम 5 बजे के बाद यहां किसी महिला को रुकने की अनुमति बिल्कुल नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पूरी पहाड़ी की रक्षा खुद हनुमान जी करते हैं।
चार मुखी प्रतिमा और भक्तों की गहरी आस्था
इस मंदिर में हनुमान जी की चार मुखी प्रतिमा स्थापित है। मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से इनकी पूजा करता है, प्रभु उसकी हर मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं। यही कारण है कि कोई भक्त नया घर बनाने की मन्नत लेकर आता है, तो कोई शादी-विवाह और पढ़ाई-लिखाई की कामना लेकर पहुंचता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां हर किसी की मन्नत पूरी होती है, और इसी विश्वास के चलते लोगों की इस स्थान पर आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
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