मध्य प्रदेश के गुना जिले से इंसानी रिश्तों और सामाजिक कुप्रथाओं के मेल से उपजी एक अत्यंत हृदयविदारक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ चंद रुपयों के लालच में आकर पवित्र पारिवारिक संबंधों को इस कदर तार-तार कर दिया गया कि सुनने वालों की रूह कांप उठी। एक लाचार और रोता-बिलखता हुआ पति जब न्याय की आस में गुना पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा, तो वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पीड़ित ने अपने ससुर और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर अपनी ही गर्भवती पत्नी का सौदा करने का बेहद संगीन और चौंकाने वाला आरोप लगाया है। इस सनसनीखेज शिकायत के प्राप्त होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और पूरी जनसुनवाई में सन्नाटा पसर गया।
यह पूरा मामला राघौगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बंदरगड़ा का बताया जा रहा है। पीड़ित पति जितेंद्र उर्फ जीतू बंजारा ने गुना एसपी कार्यालय में उपस्थित होकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई और मामले की निष्पक्ष जांच हेतु एक लिखित आवेदन सौंपा। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि किस तरह छल-कपट से उसकी गर्भवती पत्नी और दो साल के बच्चे को उससे दूर कर दिया गया और अब उसे डराया-धमकाया जा रहा है।
खेतों में फसल कटाई का बहाना बनाकर ले गए थे मायके वाले
अपनी शिकायत में पीड़ित जितेंद्र बंजारा ने बताया कि इस खौफनाक साजिश की पटकथा करीब 3 महीने पहले लिखी गई थी। उस दौरान उसके ससुर अचानक उसके घर आए और बेहद सामान्य तरीके से अपनी बेटी को कुछ दिनों के लिए मायके भेजने की बात कही। ससुराल वालों ने जितेंद्र को विश्वास में लेते हुए बहाना बनाया कि खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार खड़ी है और उसकी कटाई के काम में हाथ बंटाने के लिए उन्हें कुछ दिनों के लिए बेटी की मदद चाहिए।
जितेंद्र ने अपनी पत्नी के गर्भवती होने के बावजूद, अपने ससुर और मायके वालों की नीयत पर रत्ती भर भी शक नहीं किया। उसने सहजता से अपनी पत्नी को उनके साथ भेज दिया। हालांकि, जब गेहूं की फसल की कटाई का काम समाप्त हुए हफ्तों बीत गए और उसकी पत्नी वापस अपने घर नहीं लौटी, तो जितेंद्र की चिंता बढ़ने लगी। उसने जब ससुराल संपर्क करने की कोशिश की तो उसे टालमटोल वाले जवाब मिलने लगे। इसके बाद उसने स्थानीय स्तर पर चोरी-छिपे पूछताछ और खोजबीन शुरू की, जिसके बाद जो भयावह सच सामने आया, उसने जितेंद्र के पैरों तले से जमीन खिसका दी।
'झगड़ा' और 'अंटा-शंटा' जैसी कुप्रथाओं की आड़ में सौदेबाजी
जितेंद्र को जांच के दौरान पता चला कि बंजारा समाज और कुछ अन्य जनजातीय समुदायों में प्राचीन काल से चली आ रही पारंपरिक रूढ़ियों की आड़ में उसकी पत्नी का सौदा किया गया है। इन समाजों में ‘झगड़ा प्रथा’ और ‘अंटा-शंटा’ जैसी कुप्रथाएं आज भी गहराई से पैर पसारे हुए हैं, जिनका दुरुपयोग अक्सर महिलाओं के शोषण और जबरन सौदेबाजी के लिए किया जाता है। इन कुप्रथाओं के नाम पर अक्सर महिलाओं और वैवाहिक संबंधों की बोलियां लगाई जाती हैं।
पीड़ित जितेंद्र ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इसी सामाजिक कुप्रथा का अनुचित लाभ उठाते हुए उसके ससुर और साले ने पैसों के लालच में आकर उसकी गर्भवती पत्नी को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया है। पीड़ित के मुताबिक, यह सौदा पूरे 8 लाख रुपये की मोटी रकम में तय किया गया था। इस सौदे के बाद उसकी पत्नी को किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है, जिससे उसका पूरा सुखी वैवाहिक जीवन तबाह हो गया है।
गर्भवती पत्नी और दो साल के बेटे की जान का सता रहा है डर
एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए जितेंद्र का गला रुंध गया। उसने अधिकारियों को बताया कि उसकी पत्नी वर्तमान समय में गर्भवती है और उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसकी देखभाल बहुत जरूरी है। इसके अतिरिक्त, ससुराल के लोग जितेंद्र के दो साल के मासूम बेटे को भी अपने साथ जबरन उठाकर ले गए हैं। जितेंद्र को डर है कि लालची ससुराल वाले उसके बच्चे और पत्नी को कोई शारीरिक नुकसान पहुंचा सकते हैं या उनके साथ कोई गंभीर अनहोनी हो सकती है।
पीड़ित पति लगातार पुलिस अधिकारियों के समक्ष हाथ जोड़कर भीख मांग रहा है कि किसी भी तरह उसकी गर्भवती पत्नी और मासूम बच्चे को आरोपियों के कब्जे से सुरक्षित छुड़ाया जाए। इस अत्यंत गंभीर और संवेदनशील शिकायत को संज्ञान में लेते हुए गुना पुलिस ने तुरंत मामले की जांच आरंभ कर दी है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि ससुराल पक्ष के लोगों को जल्द ही थाने में तलब किया जाएगा और मामले की गहनता से पड़ताल कर कानून के अनुसार सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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