प्रदोष व्रत का महत्व और मान्यताएं
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना गया है। यह व्रत हर महीने में दो बार आता है और शिव भक्तों के लिए विशेष फलदायी होता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से व्रत रखते हैं, उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यह व्रत न केवल सुख और शांति का मार्ग खोलता है, बल्कि जीवन में सफलता के नए आयाम भी स्थापित करता है।
विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए प्रदोष व्रत सुख और सौभाग्य में वृद्धि करने वाला माना जाता है। वहीं, जो अविवाहित जातक विवाह के बंधन में बंधने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए भी यह व्रत अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उज्जैन के जाने-माने ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज का कहना है कि यदि किसी के विवाह में बार-बार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन किए गए विशेष उपाय उन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और शीघ्र विवाह के योग बना सकते हैं।
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 12 जुलाई 2026 को सुबह 02 बजकर 04 मिनट के आसपास होगा और यह तिथि उसी दिन रात्रि 10 बजकर 29 मिनट के लगभग समाप्त होगी। इस गणना के आधार पर, जुलाई महीने का पहला प्रदोष व्रत 12 जुलाई रविवार के दिन रखा जाएगा। रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। रवि प्रदोष व्रत के दौरान पूजा का सबसे उत्तम समय, जिसे प्रदोष काल कहा जाता है, वह शाम 07 बजकर 22 मिनट से लेकर रात्रि 09 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
रवि प्रदोष व्रत का विशेष लाभ
रवि प्रदोष व्रत का महत्व इसलिए और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह भगवान शिव के साथ-साथ सूर्यदेव की कृपा पाने का भी संयोग बनाता है। मान्यता है कि इस विशेष दिन पर पूजा-अर्चना करने से करियर और व्यापार में उन्नति के प्रबल योग बनते हैं। इसके अलावा, जीवन में आने वाली बाधाएं और दोष समाप्त होते हैं, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि और वैभव का आगमन होता है।
विवाह में देरी दूर करने के अचूक उपाय
यदि आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति विवाह में आ रही देरी से परेशान है, तो प्रदोष व्रत के दिन इन विशेष उपायों को श्रद्धापूर्वक अपना सकते हैं:
- शिवलिंग का विशेष अभिषेक: यदि विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो प्रदोष व्रत पर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। स्नानादि के बाद गंगाजल में थोड़े से काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। माना जाता है कि इस उपाय से ग्रह दोष शांत होते हैं और जल्द ही विवाह के शुभ संयोग बनने लगते हैं।
- शुक्र ग्रह को करें मजबूत: ज्योतिष शास्त्र में विवाह के लिए शुक्र ग्रह की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि कमजोर शुक्र के कारण शादी में अड़चनें आ रही हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन शिव जी का अभिषेक शहद और सुगंधित जल से करें। स्नान और दान के बाद किया गया यह उपाय शुक्र ग्रह को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।
- लाल वस्त्र और सिंदूर का उपाय: यदि विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो यह उपाय बहुत प्रभावी है। प्रदोष व्रत के दिन स्नान करने के बाद लाल वस्त्र धारण करें और भगवान शिव तथा माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के समय माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद उसी सिंदूर को अपने माथे पर लगाएं और शीघ्र विवाह के लिए प्रार्थना करें। इससे विवाह से संबंधित सभी बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
इन सभी उपायों को यदि पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए, तो भगवान शिव की कृपा से विवाह की राह में आ रही सभी रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।
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