कर्नाटक के प्रसिद्ध पवाडा बसवेश्वर मंदिर में बड़ी चोरी, 32 किलो चांदी की मूर्ति समेत 1.20 करोड़ का सामान गायब

कर्नाटक के विजयपुरा में स्थित ऐतिहासिक श्री पवाडा बसवेश्वर मंदिर में चोरों ने धावा बोलकर 32 किलो वजनी चांदी की मूर्ति और अन्य आभूषण चुरा लिए हैं। घटना के समय मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए हैं।

कर्नाटक के विजयपुरा जिले से चोरी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। यहां के मुद्देबिहाल तालुक के बसराकोड गांव में स्थित प्रसिद्ध श्री पवाडा बसवेश्वर मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया है। चोरों ने मंदिर के गर्भगृह का ताला तोड़कर वहां स्थापित भगवान बसवेश्वर की बेहद कीमती और आस्था का केंद्र रही 32 किलो वजनी चांदी की मूर्ति पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना में चोरों ने मूर्ति के अलावा गर्भगृह में रखा कुल 60 किलो से अधिक चांदी का अन्य सामान और आभूषण भी चोरी कर लिए हैं।

करोड़ों की चोरी से श्रद्धालु हैरान

इस बड़ी चोरी के कारण मंदिर प्रशासन और स्थानीय श्रद्धालुओं को भारी आर्थिक व मानसिक ठेस पहुंची है। चोरी गई मुख्य 32 किलो वजनी चांदी की मूर्ति की कीमत बाजार में लगभग 51.20 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, अगर चोरी हुए चांदी के सभी आभूषणों और बर्तनों की कुल कीमत की बात करें, तो बाजार मूल्य के हिसाब से यह 1.20 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। यह मंदिर भगवान बसवेश्वर को समर्पित इस क्षेत्र का एक बेहद ही महत्वपूर्ण और पूजनीय धार्मिक स्थल है।

रात के अंधेरे में ताले तोड़कर वारदात को दिया अंजाम

मंदिर समिति के 70 वर्षीय अध्यक्ष करनंदप्पा बिरदार द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह वारदात 5 जुलाई और 6 जुलाई की दरमियानी रात को अंजाम दी गई। घटना का खुलासा 6 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब मंदिर परिसर में ही रहने वाले पुजारी साधु शंकरलिंग सोकर उठे। उन्होंने देखा कि मंदिर के मुख्य लोहे के दरवाजे खुले हुए थे और उन पर लगे ताले टूटे पड़े थे। जब वे गर्भगृह के भीतर गए तो भगवान की मुख्य मूर्ति अपने स्थान से गायब थी।

मंदिर के मुख्य पुजारी शरणय्या सलीमत ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई की रात करीब 9 बजे शाम की नियमित पूजा संपन्न की थी। इसके बाद वे मंदिर के अंदरूनी और बाहरी सभी दरवाजों पर ठीक से ताला लगाकर घर चले गए थे। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इस पूरी वारदात को रात 9 बजे से लेकर सुबह 4:30 बजे के बीच अंजाम दिया है।

सोते रहे संत और बंद मिले सीसीटीवी कैमरे

इस घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि चोरी की इस बड़ी वारदात के वक्त मंदिर परिसर के भीतर ही कई संत और संन्यासी सो रहे थे, लेकिन किसी को भी चोरों की आहट तक नहीं मिली। इसके अलावा, जब पुलिस ने जांच शुरू की तो एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वारदात के समय मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू नहीं थे। सीसीटीवी कैमरों का बंद होना इस बात की ओर साफ इशारा करता है कि चोरों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से ही गहरी साजिश और योजना तैयार कर रखी थी।

पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच तेज

मामले की सूचना मिलते ही मुद्देबिहाल थाना पुलिस की टीम ने तुरंत घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर BNS, 2023 की धारा 305(d) और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दर्ज कराने में थोड़ी देरी इसलिए हुई क्योंकि पुलिस के पास जाने से पहले मंदिर समिति के सदस्यों ने गांव के लोगों के साथ इस गंभीर विषय पर बैठक की थी। फिलहाल पुलिस ने चोरों का सुराग लगाने के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

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