कोटा चंद्रेसल मठ हत्याकांड: 345 बीघा जमीन और 4 करोड़ की संपत्ति के लिए रची गई खौफनाक साजिश

राजस्थान के कोटा स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद की हत्या के पीछे करोड़ों की संपत्ति और ट्रस्ट पर नियंत्रण का विवाद सामने आया है।

भयानक वारदात और खुलासे

कोटा के चंद्रेसल मठ में महंत देवानंद महाराज की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 5 जून की रात को जब महंत अपने आवास के बाहर थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ। हमलावरों ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया और चाकू से 26 बार वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने केवल एक हत्या के मामले को ही नहीं, बल्कि मठ की पुरानी विरासत और उससे जुड़े गहरे विवादों को भी सतह पर ला दिया है।

जमीन और संपत्ति का बड़ा विवाद

पुलिस जांच में यह बात स्पष्ट हो गई है कि यह हत्याकांड अचानक नहीं हुआ। मठ से जुड़ी करीब 345 बीघा जमीन, ट्रस्ट की गद्दी और बैंक में जमा 4 करोड़ रुपये की बड़ी रकम इस पूरी साजिश के केंद्र में थी। लंबे समय से इन संपत्तियों और ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर खींचतान चल रही थी, जिसने अंततः इस खूनी अंजाम का रूप ले लिया।

जांच का दायरा और गिरफ्तारियां

इस सनसनीखेज मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चौकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए लोगों में एक पुजारी और एक वकील भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, महंत की हत्या को अंजाम देने के लिए चार लोगों को एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस अब इन धमकियों, ट्रस्ट में खाली पड़े पदों और पुरानी रंजिशों के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार तक पहुंचा जा सके।

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