महाकाल का लड्डू प्रसाद बना आस्था का ब्रांड, साल भर में 65 करोड़ रुपए की बिक्री; जानें क्यों है श्रद्धालुओं की पहली पसंद

उज्जैन के महाकाल मंदिर का प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद शुद्धता और स्वाद के दम पर आस्था की पहचान बन चुका है। 1 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 तक इसकी बिक्री करीब 65 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।

उज्जैन का महाकाल मंदिर शिवभक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दर्शन के बाद भक्त जिस लड्डू प्रसाद को आशीर्वाद स्वरूप अपने साथ ले जाते हैं, उसकी महिमा भी अनूठी है। शुद्ध देसी घी और खास स्वाद से तैयार होने वाले इस प्रसाद की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

शुद्धता और स्वाद से बनी अलग पहचान

देसी घी, उत्कृष्ट सामग्री और तय मानकों के अनुसार तैयार होने वाले इस लड्डू प्रसाद को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से पांच सितारा रेटिंग मिली हुई है। यही कारण है कि नए साल, सावन और महाशिवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं के लिए यह केवल मिठाई नहीं, बल्कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद है।

एक साल में 65 करोड़ की बिक्री

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और साल भर में करीब सात करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 तक लड्डू प्रसाद की बिक्री करीब 65 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। यानी एक साल में करोड़ों श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लड्डू प्रसाद के रूप में अपने साथ लेकर गए।

कैसे तैयार होता है प्रसाद

चिंतामण रोड स्थित लड्डू प्रसाद यूनिट में कर्मचारी “जय महाकाल” और “ओम नमः शिवाय” के उद्घोष के साथ पूरी शुद्धता और सफाई से प्रसाद तैयार करते हैं। यह प्रसाद शुद्ध देसी घी, बेसन, रवा, शक्कर का भूरा, काजू और किशमिश से बनाया जाता है।

फाइव स्टार हाइजिन रेटिंग

महाकाल के लड्डू प्रसादी यूनिट को हाइजिन रेटिंग में FSSAI की ओर से फाइव स्टार रेटिंग प्राप्त है। मंदिर समिति के अनुसार देश के चुनिंदा मंदिरों को ही इस तरह की रेटिंग मिली है। प्रसाद तैयार करने के लिए सभी खाद्य सामग्री को पूरी आदर्श स्थिति में खरीदा जाता है और कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है।

रोजाना तैयार होता है इतना लड्डू

महाकाल मंदिर में रोजाना करीब 60 क्विंटल लड्डू प्रसाद तैयार किया जाता है, जबकि महाशिवरात्रि, सावन और अन्य बड़े पर्वों पर यह मात्रा बढ़कर 150 क्विंटल तक पहुंच जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 24 घंटे प्रसाद काउंटर संचालित होते हैं। इसके साथ ही श्री अन्न मिशन के तहत तैयार किए जा रहे पौष्टिक रागी लड्डू भी भक्तों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

श्रद्धालु कर रहे हैं प्रशंसा

देशभर से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इस लड्डू प्रसाद की दिल खोलकर प्रशंसा कर रहे हैं। गुजरात से आए श्रद्धालु मयंक ने बताया कि उन्होंने कई प्रसिद्ध मंदिरों का प्रसाद ग्रहण किया, लेकिन महाकाल के प्रसाद जैसा स्वाद, शुद्धता और गुणवत्ता कहीं देखने को नहीं मिली। भक्तों के अनुसार यह सिर्फ मिठास से भरा लड्डू नहीं, बल्कि स्वयं बाबा महाकाल का दिव्य आशीर्वाद है, जिसे पाकर हर भक्त खुद को धन्य महसूस करता है।

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