प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर देश में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र काशी का 50 से ज्यादा बार दौरा किया। इन दौरों में मिली एक के बाद एक सौगातों ने बनारस की पूरी तस्वीर ही बदल दी है।
66000 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाएं
साल 2014 के बाद वाराणसी में सड़क, रेल, जलमार्ग और हवाई बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। धार्मिक पर्यटन को रफ्तार देने के लिए काशी विश्वनाथ धाम को नया स्वरूप दिया गया। मोक्ष द्वार माने जाने वाले मणिकर्णिका घाट को भी अब नया रूप दिया जा रहा है, जबकि अन्य घाटों के सुंदरीकरण का काम भी लगातार जारी है। एक आंकड़े के अनुसार, बीते 12 सालों में पीएम मोदी ने काशी को 66000 करोड़ से ज्यादा की सौगात दी है।
सड़क संपर्क हुआ मजबूत
सड़क ढांचे की बात करें तो वाराणसी शहर के चारों ओर रिंग रोड तैयार हो चुका है। 60 किलोमीटर लंबे इस रिंग रोड से आजमगढ़, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज और लखनऊ तक की कनेक्टिविटी आसान हो गई है। शहर के भीतर भी फोर लेन और सिक्स लेन सड़कों का निर्माण हुआ है। बीते 12 सालों में शहर से एयरपोर्ट तक पहुंचना भी काफी सुगम हुआ है। फुरवरियां फोर लेन, मंडुवाडीह फ्लाईओवर, लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर और कज्जाकपुरा फ्लाईओवर बनने से शहर की यातायात व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर हुई है।
रेल नेटवर्क का विस्तार
रेल संपर्क बढ़ाने के लिए बनारस स्टेशन का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही काशी स्टेशन को भी नया स्वरूप दिया जा रहा है, जिसे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्टेशनों के अलावा वाराणसी से कई शहरों के लिए नई ट्रेन सेवाएं भी शुरू हुई हैं। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी वाराणसी से ही हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मजबूती
स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। बीएचयू अस्पताल के अलावा ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण हुआ है। आंखों के इलाज के लिए समर्पित आर जे शंकरा आई हॉस्पिटल की सौगात भी पीएम मोदी ने दी है। इसके अलावा कई अन्य अस्पतालों का निर्माण भी यहां जारी है।
जलमार्ग को बढ़ावा
जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में मल्टीमॉडल टर्मिनल बनाया गया है। इसके बनने के बाद जलमार्ग के जरिए वाराणसी से हल्दिया तक बड़े जहाजों से माल की आपूर्ति हो रही है। पर्यटन की दृष्टि से भी यहां कई क्रूज का संचालन किया जा रहा है, और अब वाराणसी में क्रूज टर्मिनल के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है।
शिव थीम पर बन रहा इंटरनेशनल स्टेडियम
वाराणसी में बीसीसीआई की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गंजारी में बन रहा यह स्टेडियम भगवान शिव की थीम पर तैयार किया जा रहा है और इसे दुनिया का सबसे अनोखा स्टेडियम बताया जा रहा है। 451 करोड़ की लागत से बन रहे इस स्टेडियम के तैयार होने के बाद यहां आईपीएल और वर्ल्ड कप जैसे मैच भी आयोजित किए जा सकेंगे। फिलहाल इसका निर्माण कार्य करीब 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
देश का पहला रोपवे ट्रांसपोर्ट
वाराणसी में देश का पहला रोपवे ट्रांसपोर्ट भी बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण 807 करोड़ की लागत से हो रहा है। इसके पूरा होने के बाद कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना आसान हो जाएगा। इस रोपवे के लिए शहर में पांच स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके जरिए यहां आने वाले पर्यटक 50 मीटर की ऊंचाई से इस खूबसूरत शहर का सफर कर सकेंगे।
एयरपोर्ट को नया रूप
वाराणसी में एयरपोर्ट के विस्तार का काम भी तेजी से चल रहा है। जल्द ही लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नए लुक में नजर आएगा। 2870 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट को नया स्वरूप दिया जाएगा, जिसका शिलान्यास पीएम मोदी कर चुके हैं। हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए कई शहरों से सीधी फ्लाइट सेवा भी शुरू की गई है।
https://hindi.news18.com/photogallery/uttar-pradesh/varanasi-pm-modi-gifted-kashi-special-projects-12-years-find-out-how-much-city-has-changed-local18-ws-l-10563695.html