चित्रकूट में संवरेगा कामदगिरि परिक्रमा पथ और गोस्वामी तुलसीदास का जन्मस्थान, श्रद्धालुओं को मिलेगा दिव्य धार्मिक अनुभव

उत्तर प्रदेश की पावन धर्म नगरी चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर का कायाकल्प किया जा रहा है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ अलौकिक धार्मिक अनुभव मिलेगा।

उत्तर प्रदेश की पावन धर्म नगरी चित्रकूट में अब आस्था के प्रमुख केंद्रों को नया और भव्य स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। प्रभु श्री राम की पावन तपोस्थली चित्रकूट में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल्द ही एक नया और अनूठा धार्मिक अनुभव मिलने वाला है। जिला प्रशासन ने यहाँ के विश्व प्रसिद्ध कामदगिरि परिक्रमा पथ और महान कवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली के सुंदरीकरण और विकास का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद इन पवित्र स्थलों की पूरी तस्वीर बदल जाएगी, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ एक अनूठा धार्मिक माहौल भी महसूस होगा।

प्रभु श्री राम की तपोस्थली का कायाकल्प

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चित्रकूट वह पवित्र भूमि है जहां प्रभु श्री राम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ अपने वनवास काल के कुल साढ़े ग्यारह वर्ष व्यतीत किए थे। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन इन धार्मिक स्थलों के कायाकल्प की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में चित्रकूट के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का लुक पूरी तरह से बदला हुआ नजर आएगा, जो देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा।

कामदगिरि परिक्रमा पथ को मिलेगा नया लुक

चित्रकूट में स्थित कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। हर महीने लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर यहाँ परिक्रमा लगाने आते हैं। इस मार्ग को अब जिला प्रशासन द्वारा बेहद सुंदर और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। परिक्रमा मार्ग के सुंदरीकरण के लिए जो बदलाव किए जा रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:

  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तरह से नया और सुगम परिक्रमा पथ तैयार किया जा रहा है।
  • परिक्रमा के दौरान भक्तों को आराम देने के लिए जगह-जगह आधुनिक और आरामदायक बैठने के स्थान बनाए जा रहे हैं।
  • श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए स्पष्ट और सुंदर सांकेतिक बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिससे नए पर्यटकों को रास्ता ढूंढने में कोई परेशानी न हो।
  • जिला प्रशासन ने इसके लिए एक विशेष मॉडल तैयार किया है, जो अपने आप में आकर्षण का केंद्र है।

व्यवस्थित होंगी दुकानें, बढ़ेगी श्रद्धालुओं की सुविधा

अक्सर देखा जाता है कि परिक्रमा मार्गों पर अव्यवस्थित दुकानों के कारण श्रद्धालुओं को चलने में कठिनाई होती है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रशासन ने एक अनोखी योजना बनाई है। परिक्रमा पथ के दोनों ओर मौजूद सभी दुकानों को एक नया और एक समान लुक दिया जाएगा। इन दुकानों को एक निश्चित कतार में व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाएगा। इससे फायदा यह होगा कि परिक्रमा करने वाले भक्तों को खान-पान, जलपान और पूजा सामग्री की चीजें आसानी से मिल सकेंगी और परिक्रमा मार्ग में कोई बाधा भी उत्पन्न नहीं होगी।

रामायण कालीन संस्कृति की दिखेगी झलक

इस सुंदरीकरण परियोजना की सबसे खास और खूबसूरत बात यह है कि पूरे परिक्रमा पथ को रामायण कालीन संस्कृति के रंग में रंगा जाएगा। परिक्रमा मार्ग के दोनों तरफ की दीवारों और खाली स्थानों पर प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र और चित्रकूट की प्राचीन संस्कृति से जुड़ी भव्य और आकर्षक पेंटिंग्स बनाई और लगाई जाएंगी। इन चित्रों के माध्यम से यहां आने वाले श्रद्धालु और युवा पीढ़ी चित्रकूट की महान महिमा और उसके गौरवशाली इतिहास से रूबरू हो सकेंगे। यह पेंटिंग्स न केवल मार्ग की सुंदरता को बढ़ाएंगी बल्कि लोगों को आध्यात्मिक रूप से भी जोड़ेंगी।

गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली का जीर्णोद्धार

चित्रकूट के मुख्य शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित महान संत और रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली को भी इस सुंदरीकरण परियोजना में शामिल किया गया है। यहाँ वर्षों से उपेक्षित और खंडहर हो चुके तुलसी स्मारक को अब एक नया जीवन दिया जा रहा है। इस स्मारक के जीर्णोद्धार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत निम्नलिखित कार्य किए जा रहे हैं:

  • ऐतिहासिक तुलसी स्मारक के खंडहर हो चुके ढांचे को दुरुस्त कर उसे नया लुक दिया जा रहा है।
  • गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन काल और उनकी प्रमुख रचनाओं को दर्शाने वाले चित्रों का निर्माण कराया जा रहा है।
  • स्मारक परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है और सुंदर बगीचे विकसित किए जा रहे हैं।
  • पर्यटकों और शोधकर्ताओं के बैठने और शांति से समय बिताने के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की जा रही है।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने दिए सख्त निर्देश

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग इस पूरी परियोजना की खुद निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। जिलाधिकारी का कहना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को एक बिल्कुल नया और दिव्य धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर भी इसका अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।

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