सावन के सीजन में छाई बीकानेर की लहरिया और डोरिया साड़ियां, ₹250 से शुरू हैं दाम

बीकानेर की पारंपरिक साड़ियां अपनी खास चमक और आरामदायक बनावट के कारण देश-विदेश में मशहूर हो रही हैं. इन साड़ियों की मांग सावन और तीज के मौके पर सबसे अधिक रहती है.

बीकानेर की साड़ियों का बढ़ा क्रेज

बीकानेर का पारंपरिक वस्त्र उद्योग आज न केवल भारत में बल्कि नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है. यहां की लहरिया और डोरिया साड़ियों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जो कि अपनी विशेष निर्माण प्रक्रिया के लिए जानी जाती हैं.

क्यों खास हैं ये साड़ियां

ये साड़ियां मुख्य रूप से हल्के कॉटन और डोरिया कपड़े का उपयोग करके तैयार की जाती हैं. इनमें स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो इन्हें एक बेहतरीन चमक प्रदान करती है. बीकानेर की शुष्क जलवायु इन साड़ियों के रंगों को और भी पक्का और टिकाऊ बनाने में मदद करती है, जिससे इनकी गुणवत्ता बनी रहती है.

क्या है महिलाओं की पसंद

इन साड़ियों की आरामदायक बनावट के कारण महिलाएं इन्हें प्यार से मिनी एसी साड़ी के नाम से बुलाती हैं. वहीं, इनके खास डिजाइन को स्थानीय स्तर पर राजा प्रिंट के नाम से पहचाना जाता है. हल्के वजन और मुलायम होने की वजह से गर्मी के मौसम और खास अवसरों पर इन्हें पहनना काफी आरामदायक होता है.

सावन और त्योहारों में बढ़ती है मांग

बीकानेर की इन साड़ियों की कीमत ₹250 से शुरू होकर ₹3000 तक जाती है. सावन, तीज और शादियों के सीजन के दौरान इनकी मांग काफी अधिक हो जाती है. अपनी आकर्षक डिजाइन और किफायती दाम के कारण ये साड़ियां अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी धाक जमा रही हैं.

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