वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम: कुर्सियों की खासियत जानकर रह जाएंगे हैरान, धूप और बारिश का भी नहीं होगा असर

वाराणसी के गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की दर्शक दीर्घा में लगी कुर्सियां अपनी मजबूती और सुविधाओं के कारण चर्चा में हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस स्टेडियम के निर्माण कार्य में हर छोटी से छोटी बात का बारीकी से ध्यान रखा जा रहा है।

काशी के अनोखे स्टेडियम की अनूठी पहचान

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम आकार ले रहा है। गंजारी में बन रहे इस स्टेडियम की बनावट पूरी तरह से शिव भक्ति और काशी की संस्कृति पर आधारित है। स्टेडियम को त्रिशूल के आकार की फ्लड लाइट और डमरू के आकार की मीडिया गैलरी के साथ सजाया जा रहा है, जो इसे दुनिया के अन्य स्टेडियमों से अलग बनाता है। लेकिन इस स्टेडियम की एक और बड़ी खासियत यहां दर्शकों के बैठने के लिए लगाई गई विशेष कुर्सियां हैं, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना हैं।

धूप और बारिश का असर नहीं

इस स्टेडियम में लगाई गई कुर्सियां आम स्टेडियमों से काफी अलग और बेहतर गुणवत्ता वाली हैं। एल एंड टी के सदस्य पुष्कर ने बताया कि इन कुर्सियों को पश्चिम बंगाल के एक वेंडर से विशेष रूप से ऑर्डर देकर मंगवाया गया है। ये कुर्सियां इंजीनियरिंग प्लास्टिक से निर्मित हैं और पूरी तरह से UV-प्रतिरोधी हैं। इसका अर्थ यह है कि तेज धूप और भीषण बारिश का इन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। न तो इनका रंग फीका पड़ेगा और न ही ये जल्दी खराब होंगी। इसके साथ ही, ये कुर्सियां फायर-प्रूफ भी हैं, जो आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं। बारिश के दौरान भी, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था के चलते दर्शक महज कुछ ही मिनटों में इन सीटों पर बिना किसी परेशानी के बैठ सकेंगे।

दर्शकों के आराम का खास ख्याल

स्टेडियम की कुर्सियां केवल टिकाऊ ही नहीं हैं, बल्कि ये दर्शकों को अधिकतम आराम भी प्रदान करेंगी। इन कुर्सियों को घुमावदार आकार दिया गया है ताकि कोई भी दर्शक बिना थके लंबे समय तक मैच का आनंद ले सके। इन कुर्सियों की बनावट ऐसी है कि लोग आराम से 6 से 8 घंटे तक मैच देख सकते हैं और उन्हें कमर या पीठ दर्द जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। हर सीट में पानी की बोतल, ड्रिंक और कप रखने के लिए विशेष जगह बनाई गई है, ताकि मैच के दौरान दर्शकों को अपनी सीट से बार-बार उठने की जरूरत न पड़े।

क्षमता और भविष्य की योजनाएं

वर्तमान में स्टेडियम में 32 हजार कुर्सियां लगाई जा चुकी हैं, हालांकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसकी कुल क्षमता को बढ़ाकर 35 से 40 हजार तक किया जा सकता है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि अगस्त के अंत तक यह स्टेडियम पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दिसंबर महीने में यहां प्रैक्टिस मैच आयोजित करने की तैयारी है, जबकि अगले साल से आईपीएल जैसे बड़े क्रिकेट मुकाबलों का आयोजन यहां शुरू हो जाएगा।

निर्माण और बजट की स्थिति

बीसीसीआई इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 451 करोड़ रुपये का खर्च कर रही है। स्टेडियम की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां 2 स्कोर बोर्ड इंस्टॉल किए गए हैं और प्रैक्टिस पिच का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में स्टेडियम के भीतर फॉल सीलिंग का काम युद्धस्तर पर जारी है, ताकि इसे समय पर पूरा किया जा सके।

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