स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ते का बेहतरीन विकल्प
अगर आप रोजाना के नाश्ते से ऊब चुके हैं और कुछ ऐसा तलाश रहे हैं जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हो, तो तुरई का पराठा आपके लिए एक शानदार विकल्प है। धौलपुर के ग्रामीण अंचलों में यह पारंपरिक व्यंजन लंबे समय से नाश्ते की मेज की शान बना हुआ है। आलू या गोभी के पराठों की तुलना में यह काफी हल्का और पौष्टिक होता है। प्रभा शर्मा, जो एक गृहणी हैं, बताती हैं कि इस पराठे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आसानी से हर रसोई में उपलब्ध रहती है। यह न केवल बड़ों को पसंद आता है, बल्कि बच्चे भी इसे काफी चाव से खाते हैं।
तैयारी की पूरी प्रक्रिया
तुरई का पराठा बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है। सबसे पहले ताजी और नरम तुरई का चयन करना चाहिए। इसे अच्छी तरह पानी से साफ करके छील लिया जाता है। इसके बाद, कद्दूकस की मदद से तुरई को घिस लिया जाता है। साथ ही स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है, जो पराठे को एक तीखा और चटपटा स्वाद प्रदान करते हैं।
मसालेदार मिश्रण तैयार करना
पराठे की स्टफिंग तैयार करने के लिए सबसे पहले गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें थोड़ा सा तेल गर्म करें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए, तब इसमें कद्दूकस की गई तुरई, प्याज और कटी हुई हरी मिर्च डालकर मध्यम आंच पर भूनें। जब मिश्रण थोड़ा नरम हो जाए और पानी सूखने लगे, तब इसमें स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी और नमक मिलाएं। मसालों को अच्छी तरह मिलाने के बाद, इस मिश्रण को करीब पांच मिनट तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि स्टफिंग बहुत अधिक गर्म न हो, वरना आटा गूंथते समय परेशानी हो सकती है।
आटा गूंथने और पराठा सेकने का तरीका
जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तो इसे गेहूं के आटे में अच्छी तरह मिला लें। इस आटे को पांच मिनट तक अच्छी तरह गूंथें और अंत में थोड़ा सा घी लगाकर इसे चिकना करें। अब इस आटे को ढककर फिर से पांच मिनट के लिए छोड़ दें ताकि यह और अधिक नरम और मुलायम हो सके। इसके बाद, आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और बेलन की मदद से पराठे बेल लें। गरम तवे पर दोनों तरफ से घी या तेल लगाकर इन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। कुछ ही पलों में गरमा-गरम और पौष्टिक पराठे तैयार हो जाते हैं।
स्वास्थ्य और स्वाद का खजाना
धौलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों के बीच यह नाश्ता काफी लोकप्रिय है, क्योंकि यह पचने में आसान और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। यदि आप अपने परिवार को रोजाना के साधारण नाश्ते से हटकर कुछ नया खिलाना चाहते हैं, तो तुरई का पराठा एक बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प साबित हो सकता है। यह न केवल पेट भरने के काम आता है, बल्कि घर की बनी शुद्ध सामग्री के कारण यह बाजार में मिलने वाले जंक फूड से कहीं बेहतर विकल्प है।
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