पौध की धीमी रफ्तार से हैं परेशान
धान की बुवाई का सीजन करीब आ रहा है, लेकिन कई किसानों के सामने यह चुनौती है कि उनकी नर्सरी में तैयार हो रही धान की पौध अभी भी काफी छोटी है। यदि आपकी फसल भी समय के अनुरूप नहीं बढ़ पाई है, तो घबराने की जगह वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उसे रोपाई के लायक बनाया जा सकता है।
छोटी पौध को बचाने के लिए जरूरी पोषण
कृषि विशेषज्ञ डॉ. एनपी गुप्ता के अनुसार, रोपाई से पहले नर्सरी में पौधों को सही पोषण देना अनिवार्य है। यदि पौधों की वृद्धि रुकी हुई है, तो रोपाई के 4-5 दिन पहले नाइट्रोजन की पर्याप्त खुराक देना काफी असरदार साबित होता है।
यूरिया और जिंक सल्फेट का सही इस्तेमाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरिया के साथ जिंक सल्फेट का मिश्रण छोटी पौध के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। यदि आप सही मात्रा में इन उर्वरकों का प्रयोग करते हैं, तो पौधों की रुकी हुई बढ़त को न केवल तेज किया जा सकता है, बल्कि उनकी मजबूती भी बढ़ाई जा सकती है।
रोपाई के दौरान बरतें ये सावधानियां
- नर्सरी से पौध उखाड़ते समय जड़ों को नुकसान न पहुंचने दें।
- यूरिया और जिंक सल्फेट का संतुलित छिड़काव सुनिश्चित करें।
- रोपाई से कुछ दिन पहले पोषण देकर पौधों को तनावमुक्त रखें।
- मिट्टी की गुणवत्ता और पानी के उचित प्रबंधन का ध्यान रखें।
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