दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार: अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत 8 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले गिरोह को पकड़ा है। इस ऑपरेशन में सरगना समेत 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं।

गिरोह का नेटवर्क और गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज टीम ने एक बड़े अभियान के तहत अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल 8 आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस ने इन लोगों के पास से 18 अवैध हथियार, 10 अतिरिक्त मैगजीन और 9 एमएम के 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश से हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में सप्लाई करता था। अपनी गतिविधियों को छुपाने के लिए ये अपराधी सोशल मीडिया और विभिन्न एन्क्रिप्टेड ऐप्स का सहारा लेते थे ताकि सप्लायर और खरीदारों के बीच के लिंक का पता न चल सके।

गुप्त सूचना के बाद की कार्रवाई

पुलिस को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप को दिल्ली-एनसीआर लाया जा रहा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपनी रणनीति तैयार की और 5 जुलाई को हरीश चंद्र को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 8 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 8 मैगजीन मिलीं। पूछताछ के दौरान हरीश ने खुलासा किया कि वह अपने भाई के साथ मिलकर मध्य प्रदेश से हथियारों की खेप लाता था। गिरोह का सरगना शिशपाल सिंह, जिसे यश चौधरी के नाम से भी जाना जाता है, उसके निर्देशों पर ये हथियार आगे भेजे जाते थे। इसी कड़ी में पुलिस ने दबिश देकर प्रीतपाल सिंह, शिशपाल सिंह, कुलदीप सागर, अगेश कुमार, नूर मोहम्मद उर्फ तस्लीम, मोहम्मद शान और विक्रम सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।

सोशल मीडिया के जरिए अवैध धंधा

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सरगना शिशपाल सिंह पिछले करीब 3 साल से इस गैरकानूनी कारोबार को संचालित कर रहा था। वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर और वर्चुअल नंबरों का उपयोग करके ग्राहकों से संपर्क साधता था। हथियार लाने के बाद उन्हें सुरक्षित ठिकानों पर रखा जाता था और फिर अलग-अलग ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।

बरामदगी और आरोपियों का पुराना रिकॉर्ड

पुलिस की छापेमारी में बरामदगी की सूची काफी लंबी है, जिसमें 12 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 5 देसी पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 10 एक्स्ट्रा मैगजीन, 9 एमएम के 5 जिंदा कारतूस, 1 अन्य जिंदा कारतूस और 1 लोहे का हंसिया शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरोह का सरगना शिशपाल सिंह वर्ष 2021 में भी इसी तरह के तस्करी मामले में गिरफ्तार हो चुका है। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों का भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें नूर मोहम्मद उर्फ तस्लीम पर 12 और मोहम्मद शान के खिलाफ 6 आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं।

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