दौसा में एसओजी की बड़ी कार्रवाई: 25 लाख रुपये में जेई भर्ती परीक्षा का पेपर खरीदने वाला सहायक अभियंता अतुल मीणा गिरफ्तार

राजस्थान जूनियर इंजीनियर संयुक्त भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता अतुल मीणा को दौसा से गिरफ्तार किया है।

दौसा से सहायक अभियंता की गिरफ्तारी

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों के खिलाफ कार्रवाई कर रही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने जूनियर इंजीनियर (जेई) संयुक्त भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दौसा से एक आरोपी को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, बल्कि सरकारी विभाग में ऊंचे पद पर तैनात है। एसओजी ने जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत अतुल मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने इस परीक्षा को पास करने के लिए अनुचित साधनों का सहारा लिया और मोटी रकम देकर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र हासिल कर लिया था।

25 लाख रुपये में हुआ था पेपर का सौदा

जांच एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल में लाखों रुपये का लेन-देन हुआ था। आरोपी सहायक अभियंता अतुल मीणा ने कथित तौर पर पेपर लीक करने वाले माफिया के संपर्क में आकर परीक्षा का पेपर पहले ही खरीद लिया था। इस गैर-कानूनी सौदे के लिए उसने माफिया को 25 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान किया था। सरकारी नौकरी पाने और परीक्षा में सफल होने के लिए आरोपी ने इतनी बड़ी रकम दांव पर लगा दी थी। एसओजी की शुरुआती जांच में इस वित्तीय लेन-देन की पुष्टि हुई है, जिसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ शिकंजा कसा गया और उसे दौसा से हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

पेपर लीक माफिया के नेटवर्क को खंगाल रही एसओजी

अतुल मीणा की गिरफ्तारी के बाद एसओजी की टीम अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। जांच अधिकारियों का मुख्य ध्यान अब इस बात पर केंद्रित है कि पेपर लीक करने वाले इस गिरोह का जाल कहां-कहां फैला हुआ था। इसके लिए एसओजी निम्नलिखित बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है:

  • यह प्रश्नपत्र किस गुप्त माध्यम और गोपनीय तरीके से आरोपी अतुल मीणा तक पहुंचाया गया था।
  • इस सौदे में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले लोग कौन थे और उनके तार कहां से जुड़े हैं।
  • पेपर लीक माफिया तक 25 लाख रुपये की यह बड़ी रकम किस माध्यम से पहुंचाई गई, क्या इसमें कोई नकद लेन-देन था या बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था।
  • क्या इस नेटवर्क के जरिए अन्य अभ्यर्थियों या सरकारी कर्मचारियों ने भी पैसे देकर पेपर खरीदे थे।

एसओजी को अंदेशा है कि इस मामले में अभी और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जानी बाकी है।

राजस्थान में पेपर लीक के खिलाफ लगातार कार्रवाई

राजस्थान में पिछले काफी समय से विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आते रहे हैं, जिसे लेकर प्रदेश में काफी हंगामा भी हुआ है। इन मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार और जांच एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं। एसओजी लंबे समय से इन घोटालों की परतें खोलने में जुटी हुई है और अब तक कई बड़ी मछलियों को अपने जाल में फंसा चुकी है। जूनियर इंजीनियर संयुक्त भर्ती परीक्षा भी इसी जांच के दायरे में थी। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच टीम लगातार कड़ियों को जोड़ रही है। सहायक अभियंता अतुल मीणा की गिरफ्तारी इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिससे जांच एजेंसी को परीक्षा में हुई गड़बड़ी के नए सबूत मिलने की उम्मीद है।

पूछताछ में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

फिलहाल, एसओजी की हिरासत में आरोपी अतुल मीणा से कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी के आला अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले राज खुल सकते हैं। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक माफिया के मुख्य सरगनाओं और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य सरकारी अधिकारियों के नामों का खुलासा हो सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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