गंगा दशहरा पर स्नान का महत्व
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत पावन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने से व्यक्ति जन्म और मरण के चक्र से मुक्ति पा सकता है। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और पापों के नाश के लिए इस दिन हरिद्वार का रुख करते हैं।
शुभ मुहूर्त और तिथियों की जानकारी
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 24 जून को सुबह 9:37 बजे से हो रही है। यह तिथि 25 जून की सुबह 8:46 बजे तक प्रभावी रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी पर्व का पूर्ण फल उसकी उदया तिथि में ही प्राप्त होता है। हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री का कहना है कि हालांकि दशमी तिथि 24 जून को आ रही है, लेकिन गंगा दशहरा का संपूर्ण पुण्य फल 25 जून को स्नान करने से ही मिलेगा।
हरिद्वार में कहाँ करें स्नान
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हरिद्वार के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। पंडितों के अनुसार, इन घाटों पर ब्रह्म मुहूर्त से लेकर पूरे दिन स्नान किया जा सकता है:
- ब्रह्म कुंड घाट
- मालवीय घाट
- सुभाष घाट
- अस्थि घाट
- कुशा घाट
- नील धारा यानी नील घाट
मान्यता है कि इन घाटों पर स्नान करने से भक्तों को 10 प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
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