उद्धव गुट को बड़ा झटका, 6 सांसदों की बगावत के पीछे की पूरी कहानी

महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका लगा है, जहां 6 सांसदों ने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया है। इस बगावत के पीछे दिल्ली में हुई एक डिनर मीटिंग और पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर नाराजगी प्रमुख कारण बताई जा रही है।

दिल्ली की डिनर डिप्लोमेसी से शुरू हुआ सियासी खेल

महाराष्ट्र की सियासत में फिर से भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे की यूबीटी को तब गहरा धक्का लगा, जब उनके 6 लोकसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी और उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दिल्ली में आयोजित एक डिनर पार्टी से मानी जा रही है। केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा आयोजित इस रात्रिभोज में कई दलों के सांसद शामिल हुए थे। चर्चा है कि इसी मुलाकात ने पार्टी छोड़ने की पटकथा लिख दी थी।

आदित्य ठाकरे की नाराजगी और पार्टी के भीतर अविश्वास

सांसदों के इस पाला बदलने के पीछे निजी नाराजगी और स्वाभिमान का मुद्दा भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, डिनर में शामिल होने के बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से सांसदों को तीखे सवालों और फटकार का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि आदित्य ठाकरे द्वारा उन पर संदेह जताना और निष्ठा पर सवाल उठाना सांसदों को नागवार गुजरा। इसके बाद से पार्टी में असंतोष की आग भड़क उठी।

संजय राउत की बयानबाजी बनी वजह

प्रतापराव जाधव का कहना है कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की असली नाराजगी उद्धव ठाकरे से अधिक संजय राउत को लेकर थी। जाधव ने आरोप लगाया कि संजय राउत की विवादित बयानबाजी ने पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें कभी रोकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अब संवाद खत्म हो गया है और केवल दबाव तथा धमकी की राजनीति हावी हो गई है।

क्या आगे भी टूटेगा उद्धव का कुनबा?

अब सवाल उठ रहा है कि क्या यूबीटी में टूट का सिलसिला यहीं रुकेगा या आगे और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। प्रतापराव जाधव के संकेतों से साफ है कि पार्टी के कई विधायक भी मौजूदा नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं। वर्तमान में महाराष्ट्र विधानसभा में यूबीटी के पास 20 विधायक हैं। दलबदल कानून के तहत कानूनी सुरक्षा के लिए 14 विधायकों का एक साथ अलग होना अनिवार्य है। यदि ऐसा होता है, तो राज्य का पूरा राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

विकास की राजनीति की ओर बढ़ता झुकाव

देश भर में विपक्षी दलों के नेताओं का एनडीए की ओर आने पर पूछे गए सवाल पर प्रतापराव जाधव ने कहा कि कई नेता एनडीए के विकास कार्यों से प्रभावित हैं और अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्वेच्छा से साथ आ रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि विपक्ष के बहुत से सांसद भी मानते हैं कि देश का भविष्य एनडीए के नेतृत्व में ही सुरक्षित है।

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