बिलौटी गांव में शुरू हुआ आमरण अनशन
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बिलौटी गांव में भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। मामले में न्याय की मांग को लेकर पश्चिमी चंपारण जिले के निवासी सचिन मिश्रा ने भरत तिवारी के पैतृक घर के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री से की ये मांगें
अनशन पर बैठे सचिन मिश्रा ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं बिलौटी गांव का दौरा करें। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त करें।
- इस पूरे घटनाक्रम के लिए मुख्यमंत्री परिजनों से माफी मांगें।
- दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सचिन मिश्रा का कहना है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि कानून के शासन और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा बताया है।
परिजनों की नाराजगी और सरकारी कार्रवाई
भरत तिवारी के परिजन घटना के बाद से ही लगातार संबंधित पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और कुछ पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई है।
मामले ने पकड़ा तूल
भरत तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा अब सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सचिन मिश्रा के अनशन पर बैठने के बाद गांव में लोगों का जमावड़ा बढ़ गया है। प्रशासन भी पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे। अभी सभी की निगाहें न्यायिक जांच की रिपोर्ट और सरकार की ओर से मिलने वाले अगले आधिकारिक रुख पर टिकी हैं।
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