16 साल से बिछड़े पिता से ऐसे हुई मुलाकात, एक व्हाट्सऐप मैसेज ने बदल दी किस्मत

झारखंड के चतरा जिले का एक परिवार 16 साल के लंबे इंतजार के बाद फिर से एक हो गया है। एक व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए लापता पिता की पहचान हुई और वह अपने परिजनों से मिल सके।

चमत्कारी ढंग से परिवार से मिला लापता शख्स

झारखंड के चतरा जिले से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 16 साल से लापता चल रहे एक व्यक्ति का अपने परिवार से पुनर्मिलन हुआ है। यह चमत्कार सोशल मीडिया के एक छोटे से संदेश के कारण संभव हो सका। बेंती गांव के रहने वाले 45 वर्षीय रमेश गंझू पारिवारिक विवाद के चलते साल 2010 के आसपास अपना घर छोड़कर चले गए थे।

चेन्नई में मिली नई जिंदगी

रमेश गंझू घर से निकलने के बाद मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और नशे की लत के कारण भटकते रहे और अंततः चेन्नई की गलियों में अपना जीवन बिताने लगे। 16 जून को चेन्नई की एक स्वयंसेवी संस्था 'उदवुम करंगल' के वालंटियर्स ने उन्हें पूनामल्ली क्षेत्र में पाया। उन्हें तुरंत पुनर्वास केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी याददाश्त धीरे-धीरे वापस आने लगी और उन्होंने अपने घर का पता बताया।

व्हाट्सऐप से हुई पहचान

संस्था के कार्यकर्ताओं ने रमेश की तस्वीर और जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की। यह जानकारी चतरा जिले के एक स्थानीय किराना दुकानदार तक पहुंची, जिन्होंने रमेश को पहचान लिया और तुरंत उनके परिवार को सूचित किया। इस संयोग की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि रमेश का बड़ा बेटा नागेश्वर भी चेन्नई के पास ही काम कर रहा था, लेकिन उसे अपने पिता के वहां होने की भनक तक नहीं थी।

पिता-पुत्र का भावुक मिलन

सूचना मिलने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता और बेटे की मुलाकात चेन्नई में हुई, जो बेहद भावुक क्षण था। इसके बाद 21 जून को रमेश सकुशल अपने गांव लौट आए। उनकी पत्नी मुन्ना देवी ने इसे ईश्वर का आशीर्वाद बताया है। वहीं, उनका बेटा नागेश्वर, जो पिता के जाने के समय केवल 5 साल का था, आज अपने पिता को वापस पाकर अत्यंत खुश है।

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