बिहार कैबिनेट में 13 प्रस्तावों को हरी झंडी, सीएम चिकित्सा सहायता कोष की वार्षिक आय सीमा बढ़ी

बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में 13 एजेंडों को स्वीकृति मिली, जिसमें मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज के लिए वार्षिक आय सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर 4,00,000 रुपए करने का अहम फैसला शामिल है।

पटना: बिहार सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर सहमति की मुहर लगी है। इस दौरान स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा निर्णय लिया गया, जिसका सीधा लाभ राज्य के मरीजों को मिलेगा।

चिकित्सा सहायता कोष में राहत

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत मरीजों के उपचार के लिए तय वार्षिक आय की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया गया है। पहले यह सीमा ढाई लाख रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 4,00,000 रुपए कर दिया गया है। इस बदलाव से अधिक संख्या में जरूरतमंद लोग इस कोष से इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

डेयरी, बिजली और औद्योगिक क्षेत्र में फैसले

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार कैमूर में 7 एकड़ भूमि पर डेयरी की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही बिजली कंपनी में द्विस्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के गठन के लिए दो अभियंता तथा दो विद्युत अधीक्षण अभियंता के पद सृजित किए गए हैं।

मधुबनी में लीप एग्री लॉजिस्टिक्स की स्थापना

मधुबनी जिले के राजनगर में एक निजी कंपनी लीप एग्री लॉजिस्टिक्स की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में 83 करोड़ 25 लाख रुपए का निजी पूंजी निवेश होगा, जिसके जरिए 109 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इसके अतिरिक्त नबीनगर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है। यहां पांच व्यवसायों में प्रशिक्षण देने के लिए 38 पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई है।

दरभंगा एम्स के लिए गाद का उपयोग

दरभंगा एम्स के लिए चयनित जमीन पर मिट्टी भराई और समतलीकरण के काम में आसपास की नदियों की उड़ाही से निकलने वाले गाद का उपयोग किया जाएगा। इसी गाद के माध्यम से एम्स की भूमि को तैयार किया जाएगा।

विकास को लेकर लगातार फैसले

उल्लेखनीय है कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से विकास कार्यों को लेकर लगातार तेज गति से फैसले लिए जा रहे हैं। हाल ही में एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खगड़िया-पूर्णिया खंड (NH-31 एवं NH-231) को 4-लेन मानक में उन्नत करने वाली ₹3,936 करोड़ से अधिक की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है।

बिहार के विकास को नई रफ्तार देने वाला ऐतिहासिक निर्णय! इस परियोजना से सीमांचल एवं कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, आवागमन सुगम बनेगा, व्यापार एवं लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

इससे पूर्व एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बताया था कि लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में उद्योग विभाग की समीक्षात्मक बैठक में बिहार को औद्योगिक विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं तथा कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।

https://www.indiatv.in/bihar/bihar-13-agendas-approved-in-the-samrat-choudhary-cabinet-annual-income-limit-for-treatment-from-the-chief-minister-medical-assistance-fund-increased-2026-06-03-1222837