बीकानेर: मास्टर प्लान-2043 के बाद इन इलाकों में प्रॉपर्टी निवेश पर विशेषज्ञों की नजर, अच्छे रिटर्न की उम्मीद

बीकानेर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) के मास्टर प्लान-2043 के तहत विकसित होने वाले इलाकों में प्रॉपर्टी निवेश पर प्रॉपर्टी विशेषज्ञों की नजर है. इन क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को देखते हुए बेहतर रिटर्न की उम्मीद जताई जा रही है.

बीकानेर शहर का लगातार विस्तार हो रहा है और नई कॉलोनियां बस रही हैं. आबादी में तेजी से हो रहे इजाफे के साथ ही शहर का विकास पुराने इलाकों से निकलकर बाहरी क्षेत्रों तक पहुंच गया है. लगभग आठ लाख से अधिक आबादी वाले बीकानेर के लिए, बीकानेर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) ने वर्ष 2043 तक का एक मास्टर प्लान तैयार किया है. इसी मास्टर प्लान को आधार बनाते हुए, प्रॉपर्टी विशेषज्ञ निवेशकों को ऐसे क्षेत्रों में निवेश की सलाह दे रहे हैं, जहां आने वाले वर्षों में अच्छे विकास के साथ-साथ प्रॉपर्टी की कीमतों में भी अच्छी वृद्धि की संभावना है.

शहर के कई प्रॉपर्टी विशेषज्ञों, जिनमें डीडीसी प्रॉपर्टी सोल्यूशन और एमएम प्रॉपर्टी जैसे फर्मों के विशेषज्ञ शामिल हैं, का मानना है कि यदि सोच-समझकर और कानूनी रूप से स्वीकृत परियोजनाओं में निवेश किया जाए, तो कम समय में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. हालांकि, किसी भी निवेश से पहले पूरी कानूनी जांच और परियोजना की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.

मास्टर प्लान में जयपुर रोड का विशेष महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, मास्टर प्लान-2043 में जयपुर रोड के उत्तर दिशा में स्थित पेमासर गांव और इसके आसपास के इलाकों को विशेष तवज्जो दी गई है. इस क्षेत्र में 80 से 160 फीट चौड़ी सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है. भविष्य में यहां सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं के विस्तार की पूरी उम्मीद है. इस वजह से यह इलाका निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र बन सकता है.

जयपुर रोड, नोखा रोड और जैसलमेर रोड हैं पहली पसंद

डीडीसी प्रॉपर्टी सोल्यूशन के निदेशक देवेंद्र पुरी के अनुसार, वर्तमान में प्रॉपर्टी निवेश के लिए जयपुर रोड सबसे बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. इसके बाद नोखा रोड और जैसलमेर रोड के आसपास का क्षेत्र भी तेजी से विकसित हो रहा है. उन्होंने आगाह किया कि कई लोग सस्ते दामों के लालच में आकर कृषि भूमि (एग्रीकल्चर प्लॉट) खरीद लेते हैं, जिससे उनका पैसा फंस जाता है. इन जमीनों पर अक्सर सड़क, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव होता है. इसलिए, निवेशकों को हमेशा 90-ए स्वीकृत (पट्टाशुदा) कॉलोनियों में ही निवेश करना चाहिए.

देवेंद्र पुरी ने यह भी सलाह दी कि प्रॉपर्टी में "पैसा दोगुना" करने जैसे लुभावने दावों से बचना चाहिए. सही जगह पर किया गया निवेश तीन से पांच वर्षों में संतोषजनक रिटर्न दे सकता है. उनके अनुमान के अनुसार, शहर से लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित स्वीकृत कॉलोनियों में निवेश करने पर सालाना 20 से 25 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने की संभावना रहती है.

जेएनवी कॉलोनी और शिवबाड़ी क्षेत्र भी अच्छे विकल्प

एमएम प्रॉपर्टी के निदेशक श्रवण सिंह का कहना है कि जयनारायण व्यास कॉलोनी (जेएनवी कॉलोनी) से डेढ़-दो किलोमीटर के दायरे और शिवबाड़ी के आसपास विकसित हो रही कॉलोनियां निवेश के लिए अच्छे विकल्प साबित हो सकती हैं. इन क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं, जिससे भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी की अच्छी संभावना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्लॉट खरीदने से पहले पट्टा, स्वीकृति, नक्शा और अन्य सभी दस्तावेजों की गहन जांच आवश्यक है. कृषि भूमि में निवेश करने से पहले विशेष सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.

हर 25 दिन में विकसित हो रही नई कॉलोनी

प्रॉपर्टी कारोबारी नितिन सोनी का मानना है कि बीकानेर का रियल एस्टेट बाजार आने वाले वर्षों में और अधिक गति पकड़ सकता है. शहर जिस तेजी से विस्तार कर रहा है, उसी अनुपात में जमीन की कीमतें भी बढ़ रही हैं. उनका दावा है कि शहर में लगभग हर 25 दिन में एक नई कॉलोनी विकसित हो रही है और अधिकांश परियोजनाओं में प्लॉटों की बिक्री अच्छी हो रही है.

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान:

  • केवल 90-ए स्वीकृत (पट्टाशुदा) कॉलोनी में ही निवेश करें.
  • प्लॉट के सभी दस्तावेज, स्वीकृति और रजिस्ट्री की अच्छी तरह जांच करें.
  • केवल कम कीमत देखकर कृषि प्लॉट खरीदने से बचें.
  • "दोगुना पैसा" या अवास्तविक रिटर्न के दावों पर भरोसा न करें.
  • निवेश से पहले अनुभवी प्रॉपर्टी विशेषज्ञ और कानूनी सलाह अवश्य लें.

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