अंक ज्योतिष के ये 5 मूलांक रिश्तों को बना देते हैं बोझिल, जल्दी होता है ब्रेकअप

अंक ज्योतिष में कुछ मूलांक ऐसे होते हैं जिनके स्वभाव की विशेषताएँ रोमांटिक रिश्तों में गंभीर चुनौतियाँ पैदा करती हैं। जानिए कौन से पाँच मूलांक प्रेम संबंधों में सबसे अधिक तनाव और टकराव का कारण बनते हैं।

अंक ज्योतिष और रिश्तों की चुनौतियाँ

जब किसी रिश्ते में खटास आने लगती है तो लोग प्रायः ज्योतिष या अंक ज्योतिष की शरण लेते हैं ताकि मतभेदों की असली वजह समझ सकें। अंक ज्योतिष की दुनिया में अक्सर यह प्रश्न उठता है कि रोमांटिक संबंधों में कौन सा मूलांक सबसे अधिक समस्याजनक साबित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार कोई भी मूलांक अपने आप में विषैला नहीं होता, किंतु कुछ मूलांकों के व्यक्तित्व की खास प्रवृत्तियाँ प्रेम संबंधों में कठिनाइयाँ खड़ी कर सकती हैं।

रिश्तों की राह में कुछ मूलांक वाले जितना प्रेम और समर्पण देते हैं, उतनी ही बड़ी चुनौतियों से भी गुज़रते हैं। ये लोग भावनाओं के आधार पर निर्णय लेते हैं, इसलिए जीवन में भावनात्मक उतार-चढ़ाव बहुत अधिक होते हैं। कई बार इन्हें गलत समझा जाता है, अपेक्षाओं का बोझ सहना पड़ता है और भरोसे से जुड़ी परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं।

मूलांक कैसे निकालें

अंक ज्योतिष में जन्म की तारीख के आधार पर मूलांक की गणना की जाती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 1 होगा। यदि जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ हो तो मूलांक 8 होता है। इसी प्रकार यदि जन्म 15 तारीख को हुआ हो तो 1 + 5 = 6 अर्थात मूलांक 6 होगा।

मूलांक 1: (1, 10, 19 और 28 तारीख)

सूर्य ग्रह के प्रभाव में आने वाले मूलांक 1 के जातक स्वभाव से नेता होते हैं। ये महत्वाकांक्षी और आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं तथा हर चीज़ पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं। नेतृत्व की यही प्रवृत्ति रिश्तों में समस्या की जड़ बन जाती है। जब ये अपनी बात पर अड़ जाते हैं तो साथी के साथ समझौता करना इनके लिए दुष्कर हो जाता है। अत्यधिक हठधर्मिता के कारण पार्टनर को लगने लगता है कि उनकी बात नज़रअंदाज़ की जा रही है या वे दबाव में जी रहे हैं।

आम शिकायत: हर काम केवल अपनी मर्ज़ी और अपने तरीके से ही करना चाहते हैं।

मूलांक 5: (5, 14 और 23 तारीख)

बुध ग्रह के स्वामित्व वाला मूलांक 5 स्वतंत्रता, रोमांच और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है। ये लोग रिश्तों में उत्साह और ताज़गी भर देते हैं और हर दिन को यादगार बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन एकरस जीवनशैली इन्हें रास नहीं आती, इसलिए ये अस्थिर भी हो सकते हैं। जैसे ही रिश्ता सामान्य और नियमित होने लगता है, इन्हें ऊब का अहसास होने लगता है और पार्टनर के मन में यह संशय उत्पन्न होता है कि ये वाकई कितने प्रतिबद्ध हैं।

आम शिकायत: स्थिरता की बजाय रोमांच को तरजीह देते हैं।

मूलांक 7: (7, 16 और 25 तारीख)

छाया ग्रह केतु के स्वामित्व वाले मूलांक 7 के जातक गहरे आध्यात्मिक और चिंतनशील होते हैं। इन्हें प्रायः एकांत में रहना अधिक पसंद होता है और ये अपने विचारों की अंतर्दुनिया में खोए रहते हैं। यही स्वभाव इन्हें गहरा विचारक और बुद्धिमान बनाता है, परंतु इसी वजह से भावनात्मक दूरी भी पैदा होती है। पार्टनर को यह अनुमान लगाना कठिन हो जाता है कि ये किस भाव में हैं, क्योंकि ये अपनी भावनाएँ खुलकर सामने नहीं रखते।

आम शिकायत: कभी समझ नहीं आता कि इनके मन में क्या चल रहा है।

मूलांक 8: (8, 17 और 26 तारीख)

अंक ज्योतिष में सबसे अधिक गलत समझा जाने वाला मूलांक 8 शनि ग्रह के प्रभाव में आता है। इस मूलांक के जातक परिश्रमी, अनुशासित और गहरे वफादार होते हैं, फिर भी इनके साथ तालमेल बिठाना आसान नहीं होता। ये अपने मन की बात बहुत कम ही साथी को बताते हैं, भावनाओं के बोझ तले दब सकते हैं और उतने ही समर्पण व त्याग की अपेक्षा दूसरों से भी रखते हैं जितना वे स्वयं करते हैं।

आम शिकायत: माफ तो कर देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे — और भूलते कभी नहीं।

मूलांक 9: (9, 18 और 27 तारीख)

मंगल ग्रह के प्रभाव में आने वाले मूलांक 9 के जातक जुनूनी, सुरक्षात्मक और निडर होते हैं। यही प्रबल ऊर्जा जो इन्हें रिश्तों में इतना भावुक और दीवाना बनाती है, कभी-कभी इन्हें बिना सोचे-विचारे प्रतिक्रिया देने पर भी मजबूर कर देती है। विवाद होने पर ये पहले बोलते हैं, बाद में सोचते हैं — और इसी वजह से रिश्तों में भावनात्मक तूफान उठ खड़ा होता है।

आम शिकायत: पहले कर देते हैं, बाद में सोचते हैं।

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