'अभिषेक बनर्जी को चोरों जैसा पीटा गया', ऋतब्रत बनर्जी का तीखा हमला

तृणमूल कांग्रेस के नए गुट की ओर से पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए दावा किया कि दो-तिहाई से ज्यादा विधायकों का समर्थन उनके पास है। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति सम्मान जताते हुए उन्हें मुख्य सलाहकार बनाए रखने की मांग की।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान बुधवार को पार्टी की औपचारिक टूट में बदल गई। तृणमूल कांग्रेस के नए गुट की ओर से पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए गए ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर तीखा प्रहार किया और कहा कि अब उनके और जनता के बीच कोई भूमिका शेष नहीं रह गई है। ऋतब्रत के अनुसार, अभिषेक बनर्जी का अब पार्टी से कोई वास्तविक नाता नहीं बचा है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि जनता से उनका सच्चा जुड़ाव होता तो वे 26 दिनों तक सार्वजनिक जीवन से दूर न रहते, बल्कि लोगों के बीच जाकर खड़े होते।

'चोरों की तरह पिटाई' वाला कटाक्ष

अभिषेक बनर्जी पर व्यंग्यात्मक अंदाज में निशाना साधते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने तीखी टिप्पणी की।

'जिस तरह चोरों की पिटाई की जाती है, ठीक उसी तरह उन्हें भी पीटा गया। हमारे किसी भी नेता ने न तो केंद्र और न ही राज्य सरकार से सुरक्षा नहीं मांगी, जबकि अभिषेक बनर्जी उस दिन चोरों की तरह पिटने के बाद यह कह रहे थे कि जनता उनकी रक्षा करेगी। बाद में देखा गया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख दिया। हम उन्हें लेकर अब और चर्चा नहीं करना चाहते।'

ममता बनर्जी का नाम सम्मान के साथ लिया

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर उनका रुख पूरी तरह अलग रहा। ऋतब्रत बनर्जी ने उन्हें एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता बताते हुए सम्मान प्रकट किया। उन्होंने मांग रखी कि ममता बनर्जी पार्टी की मुख्य सलाहकार के रूप में बनी रहें और अपने अनुभव से संगठन को दिशा देती रहें। ऋतब्रत ने कहा, 'जहां तक ममता बनर्जी का सवाल है, हम मानते हैं कि वे बेहद वरिष्ठ नेत्री हैं और हमारी उनसे यही अपेक्षा रहेगी कि वे मुख्य सलाहकार के रूप में हमारी पार्टी का मार्गदर्शन करती रहें।'

दो-तिहाई से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा

विधायक दल के नेतृत्व को लेकर भी ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस का दो-तिहाई से अधिक विधायक दल 'मैं' की नहीं, बल्कि 'हम' की भावना में यकीन रखता है। उनके अनुसार, सभी संवैधानिक और विधायी नियमों का पालन किया गया, जिसके चलते उनके समूह को विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल की मान्यता हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर कुल 80 विधायक निर्वाचित हुए थे और इनमें से दो-तिहाई से अधिक ने उनके पक्ष में अपना दावा प्रस्तुत किया है।

बीजेपी का टीएमसी पर पलटवार

ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता बनाए जाने के समर्थन पर बीजेपी नेता इंद्रनील खान ने भी टीएमसी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के सत्ता में रहते हुए युवाओं की नौकरियां छीनी गईं और गरीबों के राशन में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा, मगर जनता ने चुनाव में बदलाव लाकर भय की राजनीति को खारिज किया और भरोसे को चुना। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि टीएमसी के पास कोई स्पष्ट नीति या विचारधारा नहीं है और उसकी राजनीति सिर्फ घोटालों के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है।

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