बंगाल में टीएमसी पर टूट का खतरा: बागी विधायकों के तीन बड़े दावे और मांगें क्या हैं?

बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी में बगावत तेज हो गई है। पार्टी से निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा खुद को असली तृणमूल बता रहे हैं और 58 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं।

कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जिस तरह के राजनीतिक समीकरण उभर रहे हैं, उनसे साफ संकेत मिल रहा है कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर टूट का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जो सांसद और विधायक कभी ममता की हर बात पर सहमति जताते थे, वही अब बगावती तेवर अपनाकर उनके खिलाफ मोर्चा खोलते दिख रहे हैं। बागी विधायक विधानसभा पहुंचकर खुद को ही असली तृणमूल बता रहे हैं। ममता बनर्जी ने जिन दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है, उनका दावा है कि उन्हें 58 विधायकों का समर्थन हासिल है।

बागियों की तीन प्रमुख मांगें

  1. बगावत करने वाले विधायकों की पहली मांग यह है कि अपनी अलग पार्टी बनाने के लिए उनके पास दो-तिहाई बहुमत है और वही असली टीएमसी हैं।
  2. दूसरी मांग यह है कि असली टीएमसी में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी होंगे, न कि अभिषेक बनर्जी की पसंद के शोभनदेव चट्टोपाध्याय।
  3. तीसरी मांग पार्टी के चुनाव चिह्न से जुड़ी है। बागी विधायक स्पीकर से मिलकर टीएमसी के जोड़ा फूल वाले सिंबल पर अपना दावा पेश करेंगे। इन विधायकों ने खुलकर अभिषेक बनर्जी का विरोध किया है, जबकि ममता बनर्जी के नाम पर कोई भी सीधे तौर पर कुछ नहीं बोल रहा।

बगावत की असली वजह सिर्फ अभिषेक बनर्जी या कुछ और?

तृणमूल कांग्रेस के भीतर की यह बगावत अभिषेक बनर्जी को एक आसान निशाना बना देती है। बागी खेमे की शिकायत है कि बाहरी सलाहकारों के दखल के चलते पार्टी के पुराने और अनुभवी नेताओं को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है। दूसरी ओर, यह मुद्दा उनके लिए एक अहम रणनीतिक ढाल का भी काम करता है। भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्रीय एजेंसियों की कसती घेराबंदी और हाल की चुनावी हार के बाद स्थानीय नेताओं की मनमानी के खिलाफ जनता के बढ़ते गुस्से को भांपते हुए बागी गुट पीढ़ीगत टकराव का लाभ उठाकर पार्टी से बाहर निकलने का ऐसा रास्ता तलाशने में जुटा है, जो कानूनी रूप से सुरक्षित हो और जिससे उनकी राजनीतिक साख भी बची रहे।

ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाने की मांग

जानकारी के अनुसार, टीएमसी के बागी विधायकों ने स्पीकर रथिंद्र बोस से मुलाकात कर ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने सियुली साहा और जावेद खान को विपक्ष का उप नेता बनाने की भी मांग की है। स्पीकर रथिंद्र बोस ने औपचारिक पत्र जमा कर लिया है। हालांकि, विधानसभा में कानूनी प्रक्रिया के लिए शाम 4 बजे तक इंतजार करने को कहा गया है। इसका अर्थ है कि आज दोपहर 4 बजे तक नेता विपक्ष के नाम को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ममता बनर्जी का अगला कदम क्या होगा।

https://www.indiatv.in/west-bengal/tmc-rebel-mlas-upset-with-mamata-or-abhishek-banerjee-know-about-three-claims-and-demands-2026-06-03-1222722