कुशीनगर में 453 नेपाली नागरिकों का सकुशल रेस्क्यू, नेपाल दूतावास ने योगी सरकार को लिखा आभार-पत्र

कुशीनगर में फर्जी नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाए गए 453 नेपाली नागरिकों को पुलिस ने मुक्त कराकर निजी बसों से नेपाल भेजा। इस कार्रवाई पर नेपाल दूतावास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कुशीनगर पुलिस का पत्र लिखकर आभार जताया।

कुशीनगर पुलिस ने फर्जी नौकरी का प्रलोभन देकर बंधक बनाए गए नेपाली नागरिकों को मुक्त कराने में बड़ी सफलता हासिल की है। कसया नगर पालिका क्षेत्र की मथौली रोड पर सक्रिय एक गिरोह के चंगुल से 453 नेपाली युवक-युवतियों को सकुशल बरामद किया गया और उन्हें निजी बसों के जरिए नेपाल वापस भेज दिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नेपाल दूतावास ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कुशीनगर पुलिस के प्रति आभार प्रकट किया है।

दूतावास के इनपुट पर हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई नेपाली दूतावास से मिले इनपुट के आधार पर अंजाम दी गई। पुलिस ने इस गिरोह को संचालित करने वाले 9 नेपाली नागरिकों के साथ ही एक भारतीय को गिरफ्तार किया है। मुक्त कराए गए सभी नेपाली नागरिकों को निजी बस से उनके देश भेज दिया गया।

हैरान करने वाली बात यह रही कि इस गिरोह को नेपाल से आए 2 महिलाओं सहित 7 युवक चला रहे थे। गिरोह के सदस्य नेपाल में एक नेटवर्क के जरिए स्थानीय युवकों को नौकरी का झांसा देकर बुलाते थे और फिर उनके सभी दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उन्हें बंधक बना लेते थे। इसके बाद प्रशिक्षण देने के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी। किसी पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत नेपाल दूतावास से की, जिसके बाद दूतावास ने कुशीनगर पुलिस से संपर्क किया और इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

किराये के मकान में चल रहा था फर्जीवाड़ा

नेपाल से आए कुछ लोगों ने कसया-मथौली मार्ग पर किराये के एक मकान में “Winspire Word Company” नाम से संस्था का संचालन शुरू किया था। इसके जरिए नेपाल के युवक-युवतियों को अच्छी नौकरी का लालच देकर यहां बुलाया जाता था और फिर उनसे नेटवर्क मार्केटिंग का काम कराया जा रहा था।

संस्था से जुड़े लोग नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से 7 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की वसूली करते थे। जब कोई व्यक्ति पैसे देने से इनकार करता, तो उसका मोबाइल और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए जाते थे। कई पीड़ितों ने इसकी शिकायत नेपाल दूतावास से की, जिसके बाद दूतावास ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुशीनगर पुलिस से संपर्क किया।

संयुक्त कार्रवाई में मुक्त कराए गए नागरिक

नेपाल दूतावास के प्रतिनिधियों और कुशीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कसया थाना क्षेत्र की मथौली रोड स्थित परिसर से 453 नेपाली नागरिकों को मुक्त कराया गया। इसके बाद दूतावास की देखरेख में सभी को सुरक्षित ले जाया गया। पुलिस फिलहाल संस्था के संचालन, धन वसूली तथा कथित मानव तस्करी या धोखाधड़ी के पहलुओं की भी जांच में जुटी हुई है।

पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा

पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि नेपाल दूतावास ने इस गिरोह की जानकारी दी थी, जिसके बाद बेहद सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम देते हुए नेपाली नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि बरामद किए गए सभी नेपाली नागरिकों को निजी बसों से नेपाल वापस भेज दिया गया है। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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