सीबीएसई 12वीं के विद्यार्थियों के लिए री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार आज दोपहर 12 बजे पोर्टल लाइव होना था, लेकिन फिलहाल यह अंडर मेंटेनेंस दिखा रहा है और छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे। इससे पहले यह प्रक्रिया 29 मई से शुरू होनी थी, मगर तकनीकी खामियों के चलते पोर्टल लॉन्च नहीं हो सका था। उल्लेखनीय है कि NEET पेपर लीक के साथ ही सीबीएसई की कॉपियों की जांच पर भी सवाल उठने लगे थे। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने पोर्टल की खामियां दूर करने को लेकर कहा था कि वे पूरी सावधानी बरतते हुए इसे 1 जून तक लाइव करने की योजना बना रहे हैं।
कितने छात्र चाहते हैं दोबारा जांच?
जानकारी के मुताबिक 12वीं के री-इवैल्यूएशन के लिए 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया है। प्रक्रिया शुरू होते ही इन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाएगी। दूसरी ओर लखनऊ हाईकोर्ट में सीबीएसई के ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जल्दबाजी में लागू की गई इस व्यवस्था ने लाखों छात्रों के परिणामों को संदेह के घेरे में ला दिया है।
जिन विद्यार्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच, मार्किंग या टोटलिंग को लेकर कोई आपत्ति है, वे अब आवेदन कर सकेंगे। जिन छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन की हुई प्रति मिल चुकी है, वे री-वैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं।
री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होम पेज पर Post Result Services या Verification & Re-evaluation सेक्शन खोलें।
- लॉग इन करने के लिए अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड ID दर्ज करें।
आवेदन का प्रकार ऐसे चुनें
- मार्क्स का वेरिफिकेशन
- री-इवैल्यूएशन
- वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन दोनों
- संबंधित विषय या विषयों का चयन करें
- यदि मामला री-इवैल्यूएशन का है, तो उन प्रश्न संख्याओं को चुनें जिनकी समीक्षा करवानी है।
- इसके बाद फीस का ऑनलाइन भुगतान करें और आवेदन पत्र जमा करें।
- कंफर्मेशन पेज को डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
फीस और नियम क्या हैं?
- मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए छात्रों को 100 रुपये फीस देनी होगी। वहीं अगर कोई छात्र अपने उत्तर भी जांच करवाना चाहता है, तो उसे प्रति प्रश्न 25 रुपये देने होंगे।
- अगर एक नंबर भी बढ़ता है, तो बोर्ड इस प्रक्रिया की पूरी फीस वापस करेगा।
- कॉपी की दोबारा जांच के बाद मार्क्स कम भी हो सकते हैं। यदि छात्र अधिक अंकों का हकदार होगा, तो उसके नंबर बढ़ा दिए जाएंगे।
- अगर किसी गलती को सुधारने के कारण छात्र के अंक घटते हैं, तो उसी के अनुसार मार्क्स कम कर दिए जाएंगे।
https://www.indiatv.in/education/results/cbse-re-evaluation-process-for-class-12-students-know-full-details-2026-06-01-1222218