देश भर के करोड़ों छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक खान सर अपनी अनोखी पढ़ाने की शैली के साथ-साथ अपनी बेहद साधारण जीवनशैली के लिए भी पहचाने जाते हैं। कभी महज 40 रुपये की कमाई के लिए संघर्ष करने वाले खान सर आज शिक्षा के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। यही वजह है कि छात्रों और आम लोगों के मन में अक्सर यह जिज्ञासा रहती है कि आखिर उनकी कुल संपत्ति कितनी है और कमाई के मुख्य जरिए क्या हैं।
कौन हैं खान सर
यूट्यूब और कोचिंग की दुनिया में अपनी देसज और बेबाक शैली के लिए मशहूर पटना के खान सर का असली नाम फैजल खान है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले खान सर बिहार की धरती से इतने मशहूर हुए कि आज वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। देश के कोने-कोने में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्र उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं। सीधे-सरल अंदाज और सिर्फ 200 रुपये की मामूली फीस में पढ़ाने वाले खान सर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। कई बार वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं समेत अन्य कारणों से भी चर्चा का विषय रहे हैं।
पिछले कुछ समय से उनकी करोड़ों की संपत्तियों और रियल एस्टेट निवेश को लेकर भी खूब चर्चा होती रही है। एक ओर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नाम कमाया, वहीं दूसरी ओर उनके नाम पर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति दर्ज हो चुकी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और व्यावसायिक अनुमानों के मुताबिक, इस समय खान सर की कुल नेट वर्थ करोड़ों में आंकी जाती है।
यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ी आमदनी
खान सर के यूट्यूब चैनल के करोड़ों सब्सक्राइबर हैं। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी मासिक आय का बड़ा हिस्सा यूट्यूब विज्ञापनों, ऑनलाइन कोर्स, मोबाइल एप और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म से आता है। कई रिपोर्ट्स में उनकी मासिक आय 20 लाख रुपये या उससे अधिक बताई जाती है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जब जेब में पेंसिल खरीदने के पैसे नहीं थे
एक बेहद सामान्य परिवार में जन्मे फैजल खान के जीवन में एक दौर ऐसा भी रहा, जब उनके पास पढ़ने के लिए एक पेंसिल खरीदने तक के पैसे नहीं थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने मात्र ₹40 की दिहाड़ी पर होम ट्यूशन पढ़ाकर अपने सफर की शुरुआत की थी। आज उनकी अनुमानित नेटवर्थ 10 करोड़ से 40 करोड़ के बीच आंकी जाती है, फिर भी वे खुद को आज भी एक साधारण शिक्षक ही मानते हैं।
जापान-जर्मनी से मंगाई गईं 16 करोड़ की मशीनें
खान सर हाल में उस समय और चर्चा में आ गए, जब उन्होंने पटना के अशोक राजपथ पर स्थित ‘खान हेल्थकेयर हॉस्पिटल’ की शुरुआत की। एनी बेसेंट रोड स्थित इस चैरिटेबल अस्पताल के लिए जापान और जर्मनी से करीब 16 करोड़ से अधिक की लागत वाली अत्याधुनिक डायलिसिस और मेडिकल मशीनें इम्पोर्ट कराने की बात उन्होंने खुद बताई, जिसके बाद उनकी संपत्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
99 कट्ठा जमीन और भू-माफियाओं से टकराव
इससे पहले खान सर की संपत्ति तब भी सुर्खियों में आई थी, जब उन्होंने बिहार के भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित छीतमपुर मौजा में एक साथ 99 कट्ठा (करीब चार एकड़ से अधिक) जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई। बताया जाता है कि विक्रेता विशाल सिंह सोलंकी से यह सौदा करीब ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ के बीच के सरकारी मूल्य पर हुआ था, जबकि इसकी वास्तविक बाजार कीमत 3 करोड़ से अधिक बताई गई।
खान सर का कहना था कि वे यहां एक ‘ड्रीम एजुकेशन टाउनशिप’ और रिसर्च सेंटर बनाना चाहते थे, जहां 25,000 गरीब बच्चे रहकर उच्च शिक्षा हासिल कर सकें। लेकिन इस बड़े निवेश के बाद वे स्थानीय भू-माफियाओं और कुछ दबंगों के निशाने पर आ गए। बताया जाता है कि भारी स्थानीय विरोध के चलते उन्होंने फिलहाल इस प्रोजेक्ट को होल्ड पर डाल दिया है और अब इस बड़े रकबे को बेचकर किसी अन्य सुरक्षित व गुप्त स्थान पर जमीन खरीदने की योजना पर काम कर रहे हैं।
देवरिया में आलीशान तीन मंजिला घर
खान सर ने देवरिया के भाटपाररानी नगर पंचायत के डोमडीह (वार्ड नंबर 1) में एक बेहद आलीशान और आधुनिक तीन मंजिला मकान बनवाया है। स्थानीय लोग इसे इलाके का सबसे खूबसूरत घर बताते हैं, जिसका गृह प्रवेश मई 2025 में हुआ था। शादी के बाद वे अक्सर इसी घर में समय बिताते हैं।
कमाई के मुख्य साधन
- यूट्यूब चैनल (Khan GS Research Centre): इस चैनल पर 2.5 करोड़ (25M+) से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। वीडियो अपलोड होते ही उन पर मिलियंस में व्यूज आते हैं और तगड़ी एडसेंस रेवेन्यू पैदा होती है।
- खान ग्लोबल स्टडीज (KGS): पटना, दिल्ली, प्रयागराज और देहरादून जैसे शहरों में उनके ऑफलाइन और ऑनलाइन कोचिंग सेंटर हैं, जहां लाखों बच्चे पढ़ते हैं।
- स्टडी मटेरियल और किताबें: उनकी लिखी पॉकेट जीके और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से मिलने वाली मोटी रॉयल्टी।
107 करोड़ का ऑफर ठुकराया
खान सर की संपत्ति से जुड़ा सबसे चर्चित किस्सा यह है कि उन्होंने एक बार देश की एक बड़ी एडटेक (EdTech) कंपनी का 107 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज और हिस्सेदारी का ऑफर ठुकरा दिया था। उनका कहना है कि अगर वे उस कंपनी में चले जाते तो गरीब बच्चों को 200 रुपये में पढ़ाना नामुमकिन हो जाता। यही कारण है कि करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद वे आज भी पटना के मुसल्लहपुर हाट के बेहद साधारण दफ्तर में बैठकर बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं।
खान सर की असली पूंजी क्या है?
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि खान सर की कहानी केवल संपत्ति बनाने की नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक के सफर की भी है। सीमित संसाधनों से शुरुआत कर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी वास्तविक संपत्ति चाहे जितनी भी हो, छात्रों के बीच उनकी लोकप्रियता और प्रभाव ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती है।
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