कोलकाताः पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बड़ी फूट सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि 59 बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इन बागी विधायकों ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और उन्हें असंतुष्ट विधायकों की सूची सौंपी। बागी खेमे की ओर से ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाए जाने की मांग रखी गई है। ऋतब्रत ने दो-तिहाई बागी विधायकों के समर्थन का दावा किया है।
तृणमूल कांग्रेस के जिन विधायकों ने बगावत का रास्ता अपनाया है, उनमें से कई के नाम अब सार्वजनिक हो चुके हैं। इस सूची में कई मुस्लिम विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी से दूरी बना ली है।
बगावत करने वाले विधायकों की सूची
- ऋतब्रत बनर्जी (उलुबेरिया पुरबा)
- संदीपन साहा (अंततः)
- सबीना यास्मिन (सुजापुर)
- चंद्रनाथ सिन्हा (बोलपुर)
- नियामोत शेख (हरिहरपारा)
- सेउली साहा (केशपुर)
- जावेद अहमद खान (कस्बा)
- मोहम्मद नूर आलम (समसेरगंज)
- समीर कुमार पांजा (उदयनारायणपुर)
- तापस मैती (डोमजूर)
- अरूप रॉय (हावड़ा मध्य)
- मोहम्मद गुलाम रब्बानी (गोलपोखर)
- उषा रानी मंडल (मिनखान)
- प्रिया पॉल (संकराइल)
- गुलशन मलिक (पांचला)
- रथिन घोष (मध्यमग्राम)
- सुभासिस दास (महेशतला)
- मुस्तफिजुर रहमान (भरतपुर)
बागियों में ममता के कई पुराने सहयोगी भी
सबसे अहम बात यह है कि बागी विधायकों में सिर्फ ममता बनर्जी के पुराने विश्वासपात्र ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसे चेहरे भी हैं जो पहली बार विधायक चुने गए हैं। जावेद खान, शिउली साहा और काजल शेख तृणमूल के पुराने नेताओं में गिने जाते हैं। ये सभी अब ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में शामिल हो गए हैं।
ऋतब्रत बनर्जी का दावा- 59 विधायकों का समर्थन
बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा का कहना है कि उनके पास 59 विधायकों का समर्थन मौजूद है। गौरतलब है कि टीएमसी के पास फिलहाल 80 विधायक हैं और यदि पार्टी टूटती है तो उसके लिए दो-तिहाई यानी 54 विधायकों की आवश्यकता होगी, जबकि बागी गुट 59 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है। इस तरह जरूरी आंकड़े से 5 विधायक अधिक बागी खेमे के पास बताए जा रहे हैं।
https://www.indiatv.in/west-bengal/know-about-list-of-rebel-tmc-mlas-and-several-muslim-mlas-also-parted-ways-with-mamata-banerjee-in-west-bengal-2026-06-03-1222708