नैनीताल में नन्दा देवी मेले की अद्भुत छटा, रात के अंधेरे में रोशनी से जगमगा उठा पूरा मेला परिसर

उत्तराखंड के नैनीताल में इन दिनों नन्दा देवी महोत्सव की धूम मची हुई है, जहां रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी में नहाया हुआ मेला परिसर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

नैनीताल में आस्था और रोशनी का संगम

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसा नैनीताल इस समय नन्दा देवी महोत्सव की भक्तिमय लहरों में डूबा हुआ है। शहर के प्रसिद्ध डीएसए मैदान में आयोजित होने वाला यह मेला इन दिनों अपनी रौनक के चरम पर है। दिन के समय जहां यह स्थान मां नन्दा-सुनंदा के प्रति आस्था और श्रद्धा के केंद्र के रूप में पहचाना जाता है, वहीं जैसे ही शाम ढलती है, पूरा वातावरण एक जादुई बदलाव से गुजरता है। रंग-बिरंगी दूधिया और सतरंगी रोशनी ने पूरे मेले को एक अलौकिक रूप दे दिया है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक उमड़ रहे हैं।

रात की रोशनी में मेले का आकर्षक स्वरूप

जैसे-जैसे नैनीताल में रात गहरी होती है, मेले की चमक और अधिक निखरने लगती है। रोशनी से सजे बाजार और झूलों की कतारें पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। मेला परिसर में की गई भव्य लाइटिंग ने रात के समय इस आयोजन को एक अद्भुत स्वरूप प्रदान किया है। रोशनी में नहाया हुआ यह मेला न केवल लोगों के लिए सैर का जरिया है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी खास है जो नैनीताल की शाम को यादगार बनाना चाहते हैं। भीड़ का आलम यह है कि शाम होते ही लोगों का आवागमन तेजी से बढ़ जाता है और देर रात तक मेला परिसर उत्सव के रंग में सराबोर रहता है।

भक्ति और मनोरंजन का अनूठा मिश्रण

नन्दा देवी महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और मनोरंजन का एक बड़ा संगम भी बन गया है। एक तरफ भक्तजन धार्मिक आयोजनों में पूरी निष्ठा के साथ शामिल हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ मेले में उपलब्ध मनोरंजन के विभिन्न साधन युवाओं और बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। परिवार के साथ आए लोग यहां की चहल-पहल का लुत्फ उठा रहे हैं। संगीत, हंसी-ठिठोली और बाजार की रौनक मिलकर एक ऐसा माहौल बना रहे हैं जो हर वर्ग के व्यक्ति को अपनी ओर खींच रहा है। मेले की यही विविधता इसे बाकी आयोजनों से अलग बनाती है।

बच्चों और युवाओं की पहली पसंद बने झूले

मेले में लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले इस आयोजन की जान हैं। दिन की तुलना में रात के समय इन झूलों का आनंद लेना एक अलग ही अनुभव है। जब झूले रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से जगमगाते हैं, तो बच्चे और युवा इनकी ओर अनायास ही खिंचे चले आते हैं। मेले में गूंजता संगीत और झूलों पर झूलते लोगों का उत्साह पूरे परिसर में एक ऊर्जा भर देता है। परिवार अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचकर सुखद पलों को साझा कर रहे हैं और यादगार तस्वीरों में इन पलों को संजो रहे हैं।

खरीदारी और स्थानीय उत्पादों का जलवा

मेले के बाजार में खरीदारी का अपना ही एक अलग क्रेज देखने को मिल रहा है। दुकानदारों ने भी रात की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अपनी दुकानों को विशेष रूप से सजाया है। यहां स्थानीय हस्तशिल्प से लेकर खानपान की वस्तुओं तक सब कुछ उपलब्ध है। विशेष रूप से नैनीताल के मौसम को देखते हुए, गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ देखी जा रही है। लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि मेले के बहाने अपने दोस्तों और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय भी बिता रहे हैं। मेला हर किसी के लिए कुछ न कुछ विशेष लेकर आया है, जो इसे लोगों की पहली पसंद बनाता है।

झील नगरी की खूबसूरती में चार चांद

नैनीताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत झील के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन नन्दा देवी महोत्सव के दौरान यह शहर अपनी एक अलग ही सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करता है। मेले की सजावट ने शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। रोशनी से चमकता हुआ मेला और लोगों की भारी उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक एकता के लिए कितना महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में मेले में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना है, क्योंकि लोग रात की इस जादुई रोशनी को देखने के लिए लालायित रहते हैं। यह महोत्सव न केवल परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है, बल्कि यह नैनीताल के पर्यटन को भी नई ऊंचाई दे रहा है।

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