बागवानी का सही समय
अगस्त और सितंबर के महीने न केवल मौसम के लिहाज से सुहावने होते हैं, बल्कि ये बागवानी के शौकीनों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि आप भी अपने घर की बालकनी, छत या बगीचे को रंग-बिरंगे फूलों से सजाना चाहते हैं, तो यह समय बिल्कुल उपयुक्त है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान मिट्टी में नमी और तापमान का संतुलन पौधों के पनपने के लिए अनुकूल रहता है। आज हम आपको ऐसे 8 प्रमुख फूलों के बारे में बताएंगे जिन्हें आप इस मौसम में रोपित कर सकते हैं।
गेंदा
गेंदा का फूल भारतीय घरों में सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला पौधा है। इसके गहरे पीले और आकर्षक नारंगी रंग के फूल गार्डन की शोभा को कई गुना बढ़ा देते हैं। इसे आप गमलों के अलावा जमीन की क्यारियों में भी आसानी से उगा सकते हैं। गेंदा को अच्छी मात्रा में सीधी धूप की आवश्यकता होती है, जिससे इसकी वृद्धि तेज होती है। इसे लगाने से पहले मिट्टी में सड़ी हुई जैविक खाद या अच्छी गुणवत्ता वाली कंपोस्ट जरूर मिला लें। एक महत्वपूर्ण टिप यह है कि जैसे ही फूल सूखने लगें, उन्हें समय-समय पर हटा दें। इससे पौधा व्यवस्थित दिखता है और नई कलियां अधिक संख्या में निकलती हैं।
गुलदाउदी
गुलदाउदी अपनी विभिन्न आकृतियों और रंगों के कारण बागवानी प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई है। इसे गमलों में लगाकर आप अपनी बालकनी या छत पर एक सुंदर कोना तैयार कर सकते हैं। गुलदाउदी के पौधे को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहाँ पर्याप्त रोशनी आती हो। ध्यान रखें कि इसके गमले की मिट्टी में जल निकासी की उचित व्यवस्था हो, क्योंकि जड़ों में पानी का जमाव इसके लिए नुकसानदेह हो सकता है। समय-समय पर जैविक खाद का उपयोग इसकी चमक बनाए रखने में मदद करता है।
जीनिया
यदि आप अपने बगीचे में रंगों की विविधता चाहते हैं, तो जीनिया सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह पौधा लाल, गुलाबी, सफेद और पीले जैसे कई जीवंत रंगों में खिलता है। जब आप विभिन्न रंगों के जीनिया को एक साथ क्यारी में लगाते हैं, तो आपका गार्डन किसी चित्र की तरह दिखाई देने लगता है। इसे पर्याप्त धूप की जरूरत होती है, अन्यथा इसकी बढ़वार धीमी हो जाती है। सूख चुके फूलों को हटाते रहने से पौधा हरा-भरा बना रहता है और नई कलियों का विकास तेजी से होता है।
पोर्टुलाका
अक्सर लोग इसे नौ बजे के फूल के नाम से भी जानते हैं। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिनके पास कम जगह है। छोटे गमलों में यह बहुत खूबसूरत लगता है। इसके फूल धूप खिलते ही चमक उठते हैं। पोर्टुलाका को बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती है। बारिश के मौसम में यह सावधानी जरूर रखें कि गमले में जलभराव न हो। जल निकासी वाली मिट्टी में यह पौधा काफी तेजी से फैलता है और कम समय में ही एक खूबसूरत गार्डन तैयार कर देता है।
सदाबहार
नाम के अनुरूप ही, सदाबहार का पौधा साल भर अच्छी देखभाल के साथ पनपता है। इसमें गुलाबी और सफेद रंग के सुंदर फूल आते हैं। यह पौधा कम देखरेख में भी बेहतर परिणाम देता है। आप इसे अपने घर के मुख्य द्वार या बालकनी में रख सकते हैं। हालांकि, इसे भी पानी के जमाव से बचाना जरूरी है। सीमित स्थान वाले घरों के लिए सदाबहार एक उत्कृष्ट विकल्प माना जाता है।
कोसमॉस
कोसमॉस के फूल अपनी कोमलता और खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। इनके नाजुक फूल गार्डन में एक अलग तरह का आकर्षण पैदा करते हैं। अगर आपके बगीचे में कोई खाली जगह है, तो वहां कोसमॉस लगाकर उसे भरा-भरा दिखाया जा सकता है। इन्हें भरपूर धूप वाले स्थान पर लगाना चाहिए। जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है, उसे सहारा देने की जरूरत पड़ सकती है। अन्य फूलों के बीच कोसमॉस के पौधे लगाने से बगीचे का सौंदर्य और अधिक बढ़ जाता है।
बालसम
मानसून के दौरान बालसम का पौधा गार्डन में रंग भरने का काम करता है। इसके फूल गुलाबी, लाल और सफेद जैसे रंगों में उपलब्ध होते हैं। इसे गमले और जमीन दोनों जगह उगाना आसान है। बालसम की मिट्टी में नमी का होना आवश्यक है, लेकिन पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। यदि बारिश लगातार हो रही है, तो गमलों को ऐसी जगह शिफ्ट करें जहां अतिरिक्त पानी बह जाए। रंग-बिरंगे बालसम के पौधे लगाकर आप अपने बगीचे को एक नया रूप दे सकते हैं।
सूरजमुखी
अपने नाम की तरह ही सूरजमुखी के पौधे बड़े और चमकीले फूलों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह पौधा आपके गार्डन को एक भव्य लुक देता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां सूरज की रोशनी भरपूर मात्रा में मिले। चूंकि सूरजमुखी की कुछ किस्में काफी लंबी हो जाती हैं, इसलिए उन्हें पर्याप्त जगह और सहारा देना जरूरी होता है, ताकि तेज हवा या बारिश में वे गिरें नहीं। छोटे फूलों वाले पौधों के बीच एक या दो सूरजमुखी के पौधे लगाने से पूरा बगीचा आकर्षक नजर आने लगता है।
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