पीएम मुद्रा लोन के नाम पर बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए ठगने वाले 9 आरोपी पटना में गिरफ्तार

पटना पुलिस ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है और गिरोह के 9 सदस्यों को दबोच लिया है।

सोशल मीडिया का सहारा लेकर करते थे ठगी

बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पटना साइबर थाना पुलिस ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के नाम पर चल रहे एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से छोटे व्यापारियों को अपना शिकार बना रहा था। जांच के दौरान सामने आया है कि इस गिरोह के तार केवल बिहार तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि इनका नेटवर्क देश के अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। पुलिस अब इस मामले में एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।

काम करने का शातिराना तरीका

पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये साइबर ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग अपने शिकार को खोजने के लिए करते थे। ये लोग सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन देते थे जिनमें प्रधानमंत्री मुद्रा लोन को आसानी से और जल्दी उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। विज्ञापन को देखकर जो भी लोग इनसे संपर्क करते थे, उन्हें लोन दिलाने का भरोसा दिलाकर जाल में फंसाया जाता था। जब एक बार व्यक्ति उनकी बातों में आ जाता था, तो ठग उनसे अलग-अलग शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठना शुरू कर देते थे।

प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी के नाम पर वसूली

पीड़ितों से पैसे वसूलने का इनका तरीका बेहद व्यवस्थित था। आरोपी पहले तो प्रोसेसिंग फीस के नाम पर शुरुआती रकम लेते थे। इसके बाद, लोन अप्रूवल प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का बहाना बनाकर वे सिबिल स्कोर ठीक करने, जीएसटी फाइलिंग और लोन पास कराने के लिए अलग-अलग मदों में बार-बार पैसों की मांग करते थे। इस तरह से ये अपराधी एक ही पीड़ित से कई बार पैसे वसूलते रहते थे। पटना पुलिस के पास इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज थीं, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। इससे पहले भी पटना में इस तरह के फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं जो सोशल मीडिया के माध्यम से सस्ते लोन का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

पुलिस द्वारा की गई छापेमारी और पूछताछ में गिरोह के अंतरराज्यीय स्वरूप की पुष्टि हुई है। गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों में बिहार के नवादा जिले के रहने वाले जितु राज का नाम शामिल है। इसके अलावा, गिरोह में अन्य राज्यों के लोग भी सक्रिय थे, जिनमें आंध्र प्रदेश के करीमनगर का रहने वाला कादम हर्षवर्द्धन और तेलंगाना के रंगारेड्डी का रहने वाला गोरंटला अरुण साई प्रमुख हैं। इन लोगों की गिरफ्तारी से साफ है कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों के युवाओं को जोड़कर साइबर क्राइम को अंजाम दे रहा था।

बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। बरामद सामान में निम्नलिखित वस्तुएं शामिल हैं:

  • 22 मोबाइल फोन
  • 4 सिम कार्ड
  • 12 एटीएम कार्ड
  • 1 लैपटॉप
  • कई बैंक पासबुक और हिसाब-किताब की कॉपियां
  • 51,400 रुपये नकद राशि

पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन की गहन जांच की, तो उसमें एनसीआरपी पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों से दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों के प्रमाण मिले हैं। फिलहाल, इन सभी 9 आरोपियों के खिलाफ पटना साइबर थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस एक और व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए अनुसंधान जारी है।

साइबर सुरक्षा के लिए सलाह

पटना पुलिस ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा करके अपनी निजी जानकारी साझा न करें और न ही किसी को ऑनलाइन पैसे भेजें। यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

https://hindi.news18.com/news/bihar/patna-pm-mudra-loan-fraud-patna-cyber-patna-police-arrest-interstate-gang-9-accused-local18-ws-n-10753389.html