महाराष्ट्र में निजी होटलों, रेस्तरां और खाद्य श्रृंखलाओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून का शासन केवल निजी व्यवसायों और प्रतिष्ठानों पर ही लागू नहीं किया जा सकता। कानून की नजर में सभी बराबर हैं, इसलिए सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों पर भी ये नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। सुनवाई के दौरान जब सरकारी जांच एजेंसी ने मंत्रालय की कैंटीन को पूरी तरह साफ-सुथरा और कीट-मुक्त घोषित किया, तो कोर्ट ने इस दावे पर गहरा संदेह व्यक्त किया।
सरकारी कैंटीन को लेकर FDA के दावे पर उठे सवाल
अदालत की कार्रवाई के दौरान FDA ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनके अधिकारियों ने मंत्रालय की सरकारी कैंटीन का भी औचक निरीक्षण किया है। नियामक संस्था ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने सरकारी और अर्ध-सरकारी परिसरों की निरीक्षण रिपोर्ट भी तैयार की है और जहां कहीं भी कमियां या अनियमितताएं पाई गईं, वहां उचित कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि मंत्रालय की मेस के निरीक्षण के दौरान वहां एक भी कीड़ा, मक्खी या कीट-पतंगा नहीं पाया गया। इस दावे पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई और इस रिपोर्ट को पूरी तरह से हास्यास्पद करार दिया।
पांच सितारा होटलों से की तुलना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब देश के बड़े-बड़े आलीशान पांच सितारा होटलों में भी कभी-कभी मक्खियां, मच्छर या छोटे-मोटे कीट दिखाई दे जाते हैं, तो यह मान पाना बिल्कुल असंभव है कि मंत्रालय की कैंटीन पूरी तरह से कीट-मुक्त है। अदालत ने इस दावे की सच्चाई को परखने के लिए कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने FDA के प्रतिनिधियों से पूछा कि क्या दोपहर 3 बजे तक मंत्रालय की इस कैंटीन का एक बार फिर से निरीक्षण कराया जा सकता है? इसके साथ ही कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि इस दोबारा होने वाले निरीक्षण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, गंदगी या कीट-पतंगे मिलते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कैंटीन संचालकों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच के लिए वकीलों की टीम नियुक्त
इस पूरे मामले में पूरी तरह निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया। अदालत ने खुद पहल करते हुए चार वकीलों की एक विशेष टीम गठित की और उन्हें तुरंत मंत्रालय की कैंटीन का मौका-मुआयना करने के निर्देश देकर भेजा। अदालत ने सख्त हिदायत दी कि वकीलों द्वारा किए जाने वाले इस औचक निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए, ताकि किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। इस टीम को अपनी ताजा निरीक्षण रिपोर्ट दोपहर की अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश करने को कहा गया है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ समय से FDA राज्य भर में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार छापेमारी और सख्त कार्रवाई कर रहा है।
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